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कंपनियों को झटका! कर्मचारियों के लिए किराये की गाड़ी पर चुकाए गए जीएसटी का नहीं मिलेगा फायदा


कंपनियों को कर्मचारियों के आने-जाने के लिए किराये की कारों पर चुकाए गए जीएसटी का लाभ नहीं मिलेगा.

प्रसार भारती ने अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (AAR) से जानना चाहा था कि रात्रि या अलसुबह की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं और दिव्यांगों समेत अन्‍य कर्मचारियों के आने-जाने के लिए किराये की गाड़ियों पर चुकाए गए जीएसटी (GST) के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लागू होगा या नहीं.

नई दिल्ली. अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (AAR) ने कहा है कि कंपनियां कर्मचारियों के आने-जाने के लिए लगाए गए वाहनों के किराये पर चुकाए गए जीएसटी (GST) के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा तब तक नहीं कर सकती हैं, जब तक कि ऐसी सेवा देना किसी कानून के तहत अनिवार्य न हो. शिमला में प्रसार भारती प्रसारण निगम (AIR) की याचिका पर एएआर की हिमाचल प्रदेश पीठ ने कहा, ‘आईटीसी एक ही शर्त पर मिलेगा कि किसी कानून के तहत नियोक्ता के लिए इस तरह की वस्तु या सेवाएं या दोनों उपलब्‍ध कराना अनिवार्य हो.’

प्रसार भारती ने अनिवार्य सुविधा से जुड़े कानून का नहीं किया जिक्र
आवेदक ने जानना चाहा था कि रात्रि या अलसुबह की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं और दिव्यांगों समेत अन्‍य कर्मचारियों के आने-जाने के लिए किराये पर ली जाने वाली गाड़ियों पर आईटीसी लागू होगा या नहीं. प्रसार भारती प्रसारण निगम हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में यात्रा के लिए भी टैक्सी किराये पर लेता है. एएआर ने अपने आदेश में कहा कि आवेदक ऐसे किसी कानून का जिक्र नहीं कर सका है, जिसके तहत ऐसी सेवाएं मुहैया कराना अनिवार्य हो. इसलिए ऐसे करदाता पर आईटीसी लागू नहीं होगा.

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गुजरात में एएआर ने एक आदेश में कहा कि बिजली, पानी की पाइपलाइन और जल निकासी की सुविधाओं वाली जमीन की बिक्री (Sale of Land) पर वस्‍तु व सेवा कर (GST) देना होगा. प्राधिकरण ने कहा कि अगर कोई रियल एस्टेट डेवलपर बुनियादी सुविधाओं वाली जमीन प्लॉट के रूप में बेचता है, तो उस पर जीएसटी देय होगा. एएआर ने यह भी निष्कर्ष दिया है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा. इसी के अनुरूप उस पर जीएसटी लगाया जाएगा.

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प्‍लॉट के बिक्री मूल्‍य में प्राथमिक सुविधाओं की लागत रहती है शामिल
एक आवेदक ने एएआर की गुजरात पीठ के समक्ष इस बारे में आवेदन कर पूछा था कि क्या बिजली, पानी, जल निकासी, समतल जमीन जैसी प्राथमिक सुविधाओं वाले प्लॉट की बिक्री पर जीएसटी देना होगा. एएआर ने इसके जवाब में कहा, ‘हमारा मानना है कि विकसित प्लॉट खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण की धारा के तहत आएगा. ऐसे में इस पर जीएसटी देना होगा. एएआर ने कहा कि आवेदक विकसित प्लॉट की बिक्री करता है तो बिक्री मूल्य में जमीन की लागत के अलावा प्राथमिक सुविधाओं की लागत भी आनुपातिक आधार पर शामिल होती है.


First published: June 21, 2020, 10:42 PM IST





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