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दिल्ली के बाद वृंदावन के होटल व गेस्ट हाउस में भी चीनी नागरिकों को ‘नो एंट्री’, CAIT का समर्थन


चीनी सामान के बहिष्कार अभियान के समर्थन में वृंदावन होटल एसोसिएशन (प्रतिकात्मक तस्वीर)

दिल्ली के बाद अब वृंदावन के होटल एसोसिएशन ने भी CAIT के समर्थन में उतरते हुए चीनी नागरिकों को होटलों में न ठहराने की घोषणा की है.

मथुरा. वृंदावन होटल एसोसिएशन ने भी CAIT के चीनी सामान के बहिष्कार अभियान का समर्थन करते हुए मथुरा-वृंदावन के होटलों (Hotels in Mathura Vrindavan) में चीनी नागरिकों को न ठहराने की घोषणा की है. इसके पहले कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अभियान को समर्थन देते हुए दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस संगठन ने चीनी नागरिकों को न ठहराने का फ़ैसला किया था. गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच झड़प (India-China Skirmish) के बाद सोशल मीडिया पर लगातार कैंपेन चल रहे हैं.

देश में जगह-जगह चीनी सामान के बहिष्कार और चीन सरकार के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच दिल्ली (Delhi) में आने वाले चीनी नागरिकों (Chinese Citizens in India) के ठहरने को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है.

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चीनी नागरिकों को नो एंट्रीचीनी नागरिकों के लिए दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस बंद करने का फैसला लिया गया है. कैट के चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अभियान को समर्थन देते हुए दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस संगठन ने अब चीनी नागरिकों को न ठहराने का फैसला किया है. लिहाजा अब दिल्ली में आने वाले चीनी नागरिकों के लिए होटल और गेस्ट हाउस में ‘नो एंट्री’ रहेगी.

68.2 फीसदी लोग चीनी उत्पादों के बहिष्कार को तैयार: सर्वे
गौरतलब है कि भारतीय सीमा में घुसपैठ, दखलअंदाजी और फिर 20 जवानों की शहादत के बाद लोगों के अंदर चीन के खिलाफ काफी गुस्सा है. भारत और चीन में तनातनी के बाद एक सर्वे से पता चला है कि देश के 68.2 फीसदी लोग चीनी उत्पादों के बहिष्कार को तैयार हैं.

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भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर देश के 68.2 फीसदी लोगों का कहना है वे चीन द्वारा निर्मित मोबाइल फोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य उत्पादों को खरीदना बंद कर देंगे. सर्वे के अनुसार, 68.2 फीसदी लोगों ने कहा कि वे चीनी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे, जबकि 31.8 फीसदी ने कहा कि इस तरह का कुछ भी नहीं होने जा रहा है और हमेशा की तरह व्यापार होगा, जहां लोग चीनी उत्पादों को खरीदना जारी रखेंगे. (दीपाली नंदा, CNBC Awaaz)


First published: June 25, 2020, 7:49 PM IST





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