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पिता की मौत के बाद जूते-टीशर्ट खरीदने को पैसे नहीं थे,आज भारत का बेस्ट गेंदबाज


जसप्रीत बुमराह के संघर्ष की कहानी

टीम इंडिया का (Team India) ऐसा गेंदबाज जिसका सामना करने के लिए विरोधी टीम स्पेशल मीटिंग करती है, वो कभी एक जोड़ी जूते के लिए तरसता था

नई दिल्ली. टीम इंडिया में ऐसे कई क्रिकेटर हैं, जिन्होंने बचपन में ऐसे दिन देखे हैं, जिनपर यकीन कर पाना मुश्किल है. आज भारतीय खिलाड़ी करोड़ों रुपये कमाते हैं लेकिन यकीन मानिए इन खिलाड़ियों का फर्श से अर्श तक का सफर बेहद कठिनाइयों भरा रहा है. कुछ ऐसी ही कहानी है टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की, जिन्हें कभी एक जोड़ी जूते और कपड़े खरीदने के लिए तरसना पड़ता था, लेकिन आज वो करोड़पति हैं.

जसप्रीत बुमराह की कहानी
जसप्रीत बुमराह ने साल 2019 में एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने पूरी दुनिया को बताया था कि कैसे वो एक जोड़ी जूते के लिए तरसते थे. बुमराह ने अपने बचपन के बारे में बताया कि जब वो महज 5 साल के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया था. इसके बाद बुमराह की मां दलजीत ने उन्हें और उनकी बहन को पाला. बुमराह ने बताया कि वो कुछ भी खरीद नहीं पाते थे. उनके पास महज एक जोड़ी जूते थे और उनके पास एक ही टीशर्ट थी, जिसे वो रोज पहनते थे और रोज धोते थे.

बुमराह का मानना है कि जीवन में आए ऐसे मुश्किल दिन आपको मजबूत बनाते हैं. फिर आगे चाहे आपके ऊपर कैसी भी विपत्ति आए आप उसके लिए तैयार रहते हो. बुमराह की मां ने बताया कि एक दिन वो नाइकी के शोरूम में जूते देखने गए. लेकिन उनकी मां के पास वो जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे. इसके बाद बुमराह ने कहा कि एक दिन वो जरूर इन जूतों को खरीदेंगे.बुमराह पर खड़े होते थे सवाल

बता दें जसप्रीत बुमराह के जीवन में सिर्फ आर्थिक कठिनाई नहीं थी. बल्कि उन्हें क्रिकेट खेलने के दौरान भी कई ऐसे लोगों का सामना करना पड़ा, जो उन्हें हमेशा नीचा दिखाते थे. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने क्रिकबज़ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्हें कई लोगों ने कहा था कि वो 6 महीने से ज्यादा रणजी ट्रॉफी नहीं खेल पाएंगे. बुमराह ने कहा, ‘मैं पतला था और मेरा कद देखकर लोग मुझे हल्के में लेते थे, वो सोचते थे कि ये क्या गेंद फेंकेगा. इसके बाद जब मैं पहली गेंद फेंकता था तो लोग चौंक जाते थे.’

बदल गई बुमराह की किस्मत
जसप्रीत बुमराह जब 19 साल के थे तो वो गुजरात के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ खेल रहे थे. वो मुंबई के खिलाड़ियों को देखने आए थे लेकिन उनकी नजर बुमराह पर पड़ी, क्योंकि उनका एक्शन अलग किस्म का था. इसके बाद वो मुंबई इंडियंस की टीम में आ गए और उसके बाद उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम इंडिया में भी जगह बना ली. आज बुमराह तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच विनर गेंदबाज हैं.


First published: June 26, 2020, 10:17 PM IST





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