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मणिपुर में सरकार बचाने की कवायद तेज, BJP ने संकटमोचक हेमंत बिस्व शर्मा को भेजा


मणिपुर की सरकार बचाने इम्फान पहुंचे हेमंत बिस्व शर्मा.(फाइल फोटो)

मणिपुर (Manipur) की सरकार बचाने के लिए रविवार की रात हेमंत बिस्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma), मेघालय के मुख्यमंत्री और एनपीपी के नेता कोनार्ड संगमा (Conrad Sangma) के साथ मणिपुर की राजधानी इम्फान पहुंचे.

नई दिल्ली. मणिपुर (Manipur) में नेशनल पीपुल्स पार्टी (National People’s Party) के चार विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद से ही सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. राज्यसभा चुनाव के खत्म होने के बाद अब बीजेपी ने एक बार फिर मणिपुर में सरकार बचाने की कवायद तेज कर दी है. बीजेपी ने मणिपुर की राजनीति में मची उथल-पुथल को शांत करने की जिम्मेदारी अब पूर्वोत्तर में संकटमोचक माने जाने वाले हेमंत बिस्व शर्मा को दी है. रविवार की रात हेमंत बिस्व शर्मा, मेघालय के मुख्यमंत्री और एनपीपी के नेता कोनार्ड संगमा के साथ मणिपुर की राजधानी इम्फान पहुंचे. बता दें कि मणिपुर के सियासी बवाल से मेघालय में बीजेपी के समर्थन से चल रही एनपीपी सरकार पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं.

मणिपुर के बीरेन सिंह के नेतृत्व वाले गठबंधन से एनपीपी के चार मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद से राज्य में ​बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार पर खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. बता दें कि मणिपुर में बीजेपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से उपमुख्यमंत्री वाई जॉय कुमार सिंह, आदिवासी एवं पर्वतीय क्षेत्र विकास मंत्री एन कायिशी, युवा मामलों और खेल मंत्री लेतपाओ हाओकिप और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एल जयंत कुमार सिंह ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. ​एनपीपी से इस्तीफा देने के बाद इन चारों विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने का भी ऐलान कर दिया है.

मणिपुर की सियासत में मचे घमासान को शांत करने के लिए ही दोनों नेताओं को भेजा गया है. दोनों नेता बीजेपी और एनपीपी की मणिपुर इकाई के बीच चल रहे अंतर्कलह को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. दोनों नेता एनपीपी के चारों विधायकों के इस तरह इस्तीफे सौंपने की वजह पर भी चर्चा कर रहे हैं.

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बता दें कि मणिपुर में बीजेपी की सरकार को एनपीपी और अन्य विधायकों का समर्थन मिला हुआ है जबकि मेघालय में एनपीपी प्रमुख कोनराड संगमा की अगुवाई वाली सरकार बीजेपी के सहयोग से चल रही है. ऐसे समय में जब मणिपुर में एनपीपी के चार विधायकों ने इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह सरकार को खतरे में डाल दिया है ऐसे में मेघालय की राजनीति में भी बीजेपी कोई बड़ा कदम उठा सकती है.


First published: June 22, 2020, 10:00 AM IST





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