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मुंबई में कोरोना का पीक शायद बीत गया लेकिन मॉनसून और अनलॉक की मुश्किलें बाकी 


मुंबई में रोज आने वाले नए कोरोना मामलों की संख्या कम हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर-AP)

राज्य सरकार द्वार कोरोना नियंत्रण के लिए बनाई टीम के हेड डॉ. संजय ओक (Dr. Sanjay Oak) ने मुंबईवासियों को अनलॉक और मॉनसून के मद्देनजर सचेत रहने के लिए आगाह किया है.

मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी (Economic Capital) मुंबई में अब कोविड-19 (Covid-19) के नए मामलों (New Cases) की संख्या कम होने लगी है. धरावी जैसी बड़ी और सघन झुग्गीबस्ती में भी इस महामारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है. कहा जा रहा कि भीषण प्रकोप झेलने के बाद अब शायद शहर से कोरोना का पीक टाइम जा चुका है. गौरतलब है कि बीते दिनों में लगातार कोरोना के नए मामले कम आने की वजह से शहरवासी राहत की सांस ले रहे हैं.

मॉनसून और अनलॉक में रहना होगा सावधान
राज्य सरकार द्वारा कोरोना नियंत्रण के लिए बनाई टीम के हेड डॉ. संजय ओक के मुताबिक अब नए केस, रिकवरी रेट, डेथ रेट और डबलिंग रेट में कमी आई है. इससे लग रहा है कि कोरोना का सबसे बुरा वक्त मुंबई के लिए जा चुका है. लेकिन डॉ. ओक ने अनलॉक और मॉनसून के मद्देनजर सचेत रहने के लिए भी आगाह किया है. डॉ. ओक के मुताबिक बारिश का मौसम इस सफलता को बर्बाद भी कर सकता है. लंबे समय तक किए गए प्रयास बेकार जा सकते हैं. इसलिए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.

नए मामलों पर जताई चिंताडॉ. ओक ने मुंबई के कुछ विशेष इलाकों में कोरोना के नए मामलों को लेकर चिंता भी जाहिर की है. गौरतलब है कि इसी बीच बहुमंजिला इमारतों में महामारी के नए मामले तेजी के साथ बढ़े हैं. बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई की सील की हुई बहुमंजिला इमारतों में कोरोना के मामले बढ़े हैं. कहा जा रहा है कि हाउसिंग सोसायटी में नियमों का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है. नए मामलों ने BMC की चिंता बढ़ा दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई के कई इलाकों के बहुमंजिला रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में, इनमें D वार्ड (ग्रांट रोड) और T वार्ड (मुंलुंड) भी शामिल हैं, कोरोना के मामले बढ़े हैं. अनलॉक 1.0 की शुरुआत के बाद इन जगहों पर कोरोना के 379 मामले सामने आए हैं.

धरावी ने कम की मुश्किलें
इससे पहले झुग्गी बस्ती इलाके धारावी में नए मामलों की संख्या में कमी लाने में प्रशासन कामयाब रहा है. अप्रैल की शुरुआत में जब धारावी में कोरोना के नए मामलों की संख्या बढ़ी थी तो माना जा रहा था कि स्थिति भयावह हो सकती है. मूलभूत सुविधाओं की कमियों के साथ धारावी में बेहद सघन बस्ती है. सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करवा पाना कठिन काम था. लेकिन प्रशासन की करीब दो महीने की मेहनत ने अब रंग दिखाना शुरू कर दिया है.


First published: June 24, 2020, 12:57 PM IST





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