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सावधान! बढ़ रही है देश में डिजिटल जासूसी, जानें क्या है ये और कैसे बचें इससे


डिजिटल जासूसी से खुद को बचाएं ऐसे

मोबाइल फोन या लैपटॉप कम्प्यूटर में पसर्नल डिटेल्स और पेमेंट से लेकर कई तरह की अहम जानकारी उपलब्ध होती है. इसे सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का रखें ख्याल.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 18, 2020, 8:54 AM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Covid-19) के बीच ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल जासूसी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि सरकार से लगाकर बैंक तक लोगों को लगातार सतर्क रहने के लिए कहा है. ऑनलाइन फ्रॉड से कई बार आपको भारी नुकसान उठाना पड़ जाता है. दरअसल, मोबाइल फोन या लैपटॉप कम्प्यूटर में पसर्नल डिटेल्स और पेमेंट से लेकर कई तरह की अहम जानकारी उपलब्ध होती है. साइबर क्राइम इंवेस्टीगेशन एक्सपर्ट अमित मलहोत्रा का दावा है कि टिक-टॉक (TikTok), पब जी (PUBG) और दूसरे चीनी ऐप के सहारे 20 लाख से ऊपर का डेटाबेस चोरी हो चुका है.

क्या है डिजिटल जासूसी?
डेटा की डिजिटल जासूसी तीन तरह से होती है. इंटरनेट के माध्यम से पब्लिक डोमेन में मौजूद डेटा, लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर से अलग-अलग ऐप से चुराया हुआ डेटा और तीसरा बड़ी कंपनियों के डेटाबेस को चोरी कर लेना. कई बार मोबाइल में मौजूद ऐप में, डेटा की पूरी जानकारी होती है और वह डेटा कई बार थर्ड पार्टी तक भी पहुंच जाता है.

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अनजानी मेल उससे जुड़ा कोई अटैचमेंट या लिंक ना खोलें. यूआरएल को सीधे तौर पर देखें कि वो ठीक है या नहीं. इनक्रिप्टेड मेल ही भेजें और लिखें. संदेहास्पद मेल को तुरंत ब्लॉक कर दें. आपके पास अगर फ्री कोविड-19 टेस्टिंग का मेल आ रहा है तो ऐसे में आप हैक हो सकते हैं. इस तरह के मेल को ओपन न करें. इसके अलावा मोबाइल पर किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले ऐप में गैरजरूरी एक्सेस डिसेबल करें. दो मेल आईडी रखें, बैंक कम्यूनिकेशन वाले आईडी को मोबाइल से कनेक्ट न करें.

किन देशों में हैं डेटा प्रोटेक्शन कानून?
यूरोप के अलावा न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, चीन आदि देशों में डेटा प्रोटेक्शन कानून है.

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10,000 से ज़्यादा अहम शख्सियतों का डेटा हुआ चोरी
हाल में आई एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीन भारत की 10,000 से ज़्यादा अहम शख्सियतों की जासूसी कर रहा है. यह जासूसी चीन के शेनज़ेन इलाके (Shenzen) में बेस्ड कंपनी ज़ेनहुआ (Zhenhua) डेटा इन्फॉर्मेशन टेक कंपनी के मारफत की जा रही है. यह कंपनी चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध रखती है. जिस चीनी कंपनी के ज़रिये ये जासूसी की जा रही है, वो भारत में रियल टाइम सर्विलांस बड़े पैमाने पर करने के लिए जानी जाती है. अब आपको जानना चाहिए कि ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का पूरा खेल क्या है और इससे भारत को कैसे और कितना नुकसान चीन पहुंचा सकता है.





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