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25 जून: इस वजह से इंदिरा गांधी ने देश में लगाई थी इमरजेंसी


इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 को देशभर में आपातकाल लगा दिया था

12 जून, 1975 को दिए गए एक फैसले में रायबरेली (Raebareilly) सीट से इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के निर्वाचन को गलत माना गया था और उनके चुनाव (Election) को निरस्त करते हुए, अगले 6 सालों तक उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

नई दिल्ली. इतिहास में 25 जून का दिन भारत के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटना का गवाह रहा है. आज ही के दिन 1975 में देश में आपातकाल (Emergency) लगाने की घोषणा की गई जिसने कई ऐतिहासिक घटनाओं को जन्म दिया. 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक की 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल था. तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद (Fakhruddin Ali Ahmed) ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी (Indira Gandhi) के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के अधीन देश में आपातकाल की घोषणा की थी. स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादास्पद काल था. आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए थे.

आपातकाल (Emergency) लगाने के पीछे सबसे अहम वजह इलाहाबाद हाईकोर्ट (allahabad high court) के एक फैसले में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त कर देना था. 12 जून, 1975 को दिए गए इस फैसले में रायबरेली सीट से इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के निर्वाचन को गलत माना गया था और उनके चुनाव को निरस्त करते हुए, अगले 6 सालों तक उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. दरअसल इन चुनावों में इंदिरा गांधी ने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के राजनारायण के खिलाफ जीत दर्ज की थी. लेकिन राजनारायण ने अपनी हार स्वीकार नहीं की थी और चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट चले गये थे. इसी मुकदमे का फैसला इंदिरा गांधी के खिलाफ आया था, जिसके बाद इंदिरा गांधी ने अपने पद धारण करने पर उठ रहे विरोध के स्वरों को दबाने के लिए आपातकाल की घोषणा की थी.

आपातकाल में कितनी बदली थीं स्थितियां
आपातकाल में जनता के मौलिक अधिकार स्थगित थे. मीडिया पर भी अंकुश लगा दिया गया था. विरोधी दल के अधिकांश नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था. मीसा कानून का फायदा उठाकर सरकार ने ऐसा किया था. इसमें गिरफ्तार व्यक्ति को पेशी और जमानत का अधिकार नहीं था. इसके अलावा परिवार नियोजन के नाम पर लोगों की जबरन नसबंदी जैसे अत्याचार भी इस दौरान हुए थे.यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में 31 जुलाई तक बढ़ा लॉकडाउन, स्कूल-कॉलेज अभी नहीं खुलेंगे

आपातकाल के बाद आई जनता पार्टी की सरकार
करीब 21 महीने आपातकाल लागू होने के बाद इंदिरा गांधी ने 1977 में चुनाव कराने का फैसला किया. लेकिन उनके लिए यह घातक साबित हुआ और वे अपने गढ़ रायबरेली से चुनाव हार गईं. जनता पार्टी की सरकार बनी और मोरारजी देसाई देश के प्रधानमंत्री बने. इन चुनावों में कांग्रेस को मात्र 153 सीटें मिलीं. जबकि इससे पहले उसके पास 350 सीटें थीं. (भाषा के इनपुट सहित)


First published: June 25, 2020, 6:06 AM IST





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