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CNN News18 Exclusive: चीन के सबसे बड़े आलोचक आई वेईवेई ने किया उसके मंसूबों का खुलासा


नई दिल्ली. चीन (China) के सबसे प्रसिद्ध आलोचक आई वेईवेई (Ai Weiwei) आज रात 9 बजे सीएनएन न्यूज18 (CNN News18) के साथ एक ग्लोबल एक्सक्लूसिव (Global Exclusive) कार्यक्रम में बात की. वे इस दौरान चीन के मुद्दे पर सीएनएन न्यूज18 के आउटपुट एडिटर जक्का जैकब से मुखातिब रहे. इस बातचीत का विषय था- ‘चीन अपने पड़ोसियों पर क्यों जमाता है धौंस और भारत को उसे पीछे धकेलने के लिए क्या करना चाहिए?’ इस दौरान आई वेईवेई यह भी बताया कि क्यों उन्हें चीन के उत्पीड़न (persecution) से बचने के लिए देश छोड़ना पड़ा?

चीन (China) पर अपनी बात रखते हुए आई वेईवेई (Ai Weiwei) ने कहा कि भारत और चीन में काफी समानताएं हैं और सांस्कृतिक तौर (Culturally) पर दोनों बहुत जुड़े हुए हैं लेकिन ये दोनों एक दूसरे के सामने आ गए हैं. वेईवेई ने यह भी कहा कि उनके लिए चीन में रहना सुरक्षित नहीं रह गया था. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भी चीन के खिलाफ सार्वजनिक तौर (Publicly) पर आवाज उठाता है तो उसे गायब कर दिया जाता है.

उद्योग को रफ्तार देने के लिए कच्चे माल की तलाश में पड़ोसियों को आक्रामकता दिखा रहा चीन
वेईवेई ने कहा कि चीन की हालत चीन के तथाकथित सपने के चलते बहुत खराब है. सस्ते सामान के उत्पादन के लिए उन्हें कच्चे माल की जरूरत है जो उन्हें यूरोप और अमेरिका से नहीं मिल सकता है, इसलिए वह अपने पड़ोसियों से इसकी तलाश में आक्रामकता दिखा रहा है.वेईवेई ने यह भी कहा कि चीन ने कोरोना वायरस को संभालने में गलती की है. उन्होंने कहा कि न चीन बदला है, न वह बदलना चाहता है. उन्होंने कहा कि चीन बहुत सी चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा है कि चीन 2031 तक बहुत खराब स्थिति में रहेगा.

शी जिनपिंग को इतिहास में कैसे याद किया जाता है, इस सवाल पर वेईवेई ने कहा, “यह निर्भर करेगा. यूरोप और अमेरिका भी चीन से चुनौती पा रहे हैं, लेकिन ये भी अंत नहीं है.” वेईवेई ने यह भी कहा कि मैं हमेशा चीन वापस जाना चाहता हूं. लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं है.

कोरोना को संभालने में चीन ने कई कमियां: चैंग
आई वेईवेई के अलावा जक्का जैकब ने गोर्डन चैंग नाम के एक लेखक से भी बात की. चैंग ने कम्युनिस्ट पार्टी के ढहने की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने यह भी कहा कि चीन को अलग गलवान घाटी में भारत जवाब देना चाहता है, जहां चीन मजबूत है तो उसे एक ऐसे मुद्दे पर चीन से भिड़ना होगा, जहां चीन कमजोर है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था खतरे में हैं और यह सिकुड़ रही है. चीन के वियतनाम, इंडोनेशिया, जापान जैसे देशों से भिड़ने को उन्होंने चीन के कमजोर होने का इशारा बताया.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बारे में चीन को बहुत सी जानकारियां देनी बाकी हैं. उन्हें बताना होगा कि उनके बॉर्डर से बाहर ये वायरस कैसे फैला. उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने शुरुआत में बीमारी के इंसान से इंसान मे न फैलने पर दुनिया को गुमराह किया था और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी न रोकने की बात की थी. यह चीन की गलतियां दिखाता है.

यह बातचीत एक ऐसे समय में हुई जब विदेश मंत्री ने एस जयशंकर ने एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में बिना नाम लिये चीन को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का सम्मान करने की सुझाव दिया. वहीं एक अमेरिकी रिपोर्ट में सामने आया कि चीन ने एलएसी पर आक्रामकता दिखाने की शुरुआत की थी ताकि वह भारत और अमेरिका के सामने कमजोर न दिखे.

कौन हैं आई वेईवेई?
आई वेईवेई (Ai Weiwei) एक समकालीन चीनी कलाकार और कार्यकर्ता (Chinese artist and activist) हैं. एक एक्टिविस्ट के तौर पर वे हमेशा से लोकतंत्र और मानवाधिकारों (Democracy and Human Rights) को लेकर चीनी सरकार के नजरिए के खुलकर आलोचक रहे हैं. चीनी सरकार के भ्रष्टाचार (Corruption) से जुड़े कई मामलों की उन्होंने जांच की थी. जिसके बाद चीनी सरकार ने उन्हें लंबे समय तक बिना किसी मुकदमे के हिरासत में रखा था, उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया था. जब उन्हें विदेश यात्रा की छूट मिली तो चीनी सरकार के शोषण से बचने को विदेश जाकर रहने लगे. लेकिन अब भी चीन की गलत नीतियों पर आवाज उठाने से वे चूकते नहीं हैं.

चीन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए आवाज उठाने पर वेईवेई का हुआ शोषण
2011 में आई वेईवेई को बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आर्थिक अपराधों (कर चोरी के आरोप) का हवाला देकर गिरफ्तार कर लिया गया था. लेकिन असलियत यह थी कि उन्हें सरकार के खिलाफ बोलने के लिए गिरफ्तार किया गया था. लेकिन फिर बिना किसी अपराध की धारा लगाए उन्हें 81 दिनों तक हिरासत में रखा गया था. बाद में उन्हें बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया.

इसके बाद आई वेईवेई चीनी सांस्कृतिक विकास को शुरू करने वाले, चीनी आधुनिकतावाद के निर्माता और चीन के सबसे मुखर राजनीतिक टिप्पणीकारों में से एक बनकर उभरे. लेकिन उनका पासपोर्ट चीन ने जब्त कर रखा था. चीनी अधिकारियों ने वेईवेई को 22 जुलाई, 2015 को उनका पासपोर्ट वापस कर दिया था.

फिलहाल ब्रिटेन में परिवार के साथ रह रहे हैं वेईवेई
2015 में जब उन्हें चीन से बाहर जाने की अनुमति दे दी गई, तबसे वे जर्मनी की राजधानी बर्लिन में रह रहे थे. 2019 से वे ब्रिटेन (Britain) के कैंब्रिज में अपने परिवार के साथ रहते हैं और पूरी दुनिया में यात्रा करते हुए काम करते हैं.

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बता दें कि चीन लगातार भारत के साथ अपनी सीमा LAC पर आक्रामकता दिखा रहा है. करीब दो महीने से दोनों सेनाओं के बीच चल रही इस तनातनी के बीच 15 जून की रात को दोनों सेनाओं के बीच चीन के भारतीय इलाके में टेंट लगाने के विरोध में एक हिंसक झड़प हो गई थी. इस झड़प में भारत के 1 कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गये थे. इस झड़प में चीन के भी कई सैनिक मारे गये थे. इसी मुद्दे के संदर्भ में आई वेईवेई से सीएनएन न्यूज18 के जक्का जैकब रात 9 बजे उनसे बात करेंगे.





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