Home India News Coronavirus : कंटेनमेंट से लेकर घर-घर जांच तक, दिल्ली-मुंबई में कोरोना को...

Coronavirus : कंटेनमेंट से लेकर घर-घर जांच तक, दिल्ली-मुंबई में कोरोना को रोकने का नया प्लान


दोनों महानगरों में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए अलग रणनीति तैयार की गई है. (एपी इमेज)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और आर्थिक राजधानी मुंबई (Economic Capital Mumbai ) इस वक्त देश में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित हैं. अब इन दोनों महानगरों में महामारी को रोकने के लिए नए प्लान पर काम किया जा रहा है.

नई दिल्ली/मुंबई. कोविड-19 (Covid-19) के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली (Delhi) और मुंबई (Mumbai) ने महामारी से लड़ाई का नया प्लान (New Plan) तैयार किया है. दोनों महानगरों में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए अलग रणनीति तैयार की गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन के साथ कई राउंड की बैठक की है. इन बैठकों में देश की राजधानी में कोरोना नियंत्रण के लिए कई फैसले किए गए हैं. वहीं मुंबई में अब बिल्कुल अलग तरह की रणनीति तैयार की गई है.

क्या हैं दोनों शहरों के नए प्लान
राष्ट्रीय राजधानी में बीते एक पखवाड़े के दौरान तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं. अब दिल्ली में कंटेनमेंट और ट्रेसिंग के प्रयासों पर विशेष जोर दिया जाएगा. गौरतलब है कि दक्षिण भारतीय राज्यों केरल और कर्नाटक में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया बेहद मजबूत रही है. यही वजह है कि इन दोनों ही राज्यों में कोरोना वायरस के मामले काफी नियंत्रित रहे हैं.

दिल्ली के सघन आबादी वाले इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे संक्रमण दर को कम किया जा सके. संक्रामक रोगों के विशेषज्ञों की मदद लेकर जिला स्तर पर हेल्थ केयर सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाया जाएगा. मास्क न पहनने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग न फॉलो करने वाले लोगों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. ये प्रक्रिया दिल्ली के पुलिस के हवाले होगी.ये भी पढ़ें-मणिपुर में सरकार बचाने की कवायद, BJP ने संकटमोचक हेमंत बिस्व शर्मा को भेजा

वहीं मुंबई में अब फोकस उपनगरीय इलाकों की तरफ शिफ्ट हो गया है. मुलुंड, भंडुप, मलाड, अंधेरी, बोरीवली, कांदीवली और दहिसार के इलाकों पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा. इन इलाकों में मोबाइल वैन के जरिए डॉक्टरों की टीम डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करेगी.

ये टीम लोगों के तापमान सहित अन्य लक्षणों की जांच करेगी. लोगों तक पहुंच बनाने के लिए एनजीओ की भी मदद ली जाएगी. गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों तक खाना पहुंचाने में विभिन्न राज्यों में स्वयंसेवक समूहों की बड़ी भू्मिका रही है.

ये भी पढ़ें- दिल्‍ली में किस निजी अस्‍पताल में कितने हैं रियायती COVID-19 बेड? देखें लिस्ट

दिल्ली और मुंबई कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या लगभग सत्तर हजार है और दिल्ली में साठ हजार के पास.

कई एक्सपर्ट्स की राय है कि इन दोनों ही जगहों पर कोरोना अब मास स्प्रेड की स्थिति में पहुंच चुका है. मुंबई में कोरोना डेथ रेट को लेकर भी चिंता जाहिर की गई है. हालांकि इस दौरान एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में मामलों की कम होती संख्या ने आशा जगाई है.


First published: June 22, 2020, 11:20 AM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments