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India China Face-Off: आर्मी चीफ नरवणे आज जाएंगे लद्दाख, कल 12 घंटे चली बैठक में भारत ने चीन को दिया सख्त संदेश


पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ हिंसक झड़प के बाद बॉर्डर सेना बढ़ा दी गई है.

India China Face-off: सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (MM Naravane) आज लेह (Leh) का दौरा करेंगे और 14वीं कोर के सैन्य अफसरों के साथ हालात का जायजा लेंगे.

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley Face off) में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प (India-China Dispute) के बाद से बढ़े तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है. LAC पर जारी तनाव के बाद सोमवार को 12 घंटे चली सैन्य अधिकारियों की बातचीत में भारतीय सैन्य अधिकारियों ने चीनी सेना से पीछे हटने के लिए कहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुता​बिक बातचीत का ये सिलसिला आज भी जारी रहेगा. इस बीच ख​बर है कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे आज लेह का दौरा करेंगे और 14वीं कोर के सैन्य अफसरों के साथ हालात का जायजा लेंगे.

भारत और चीनी सेना के बीच पिछले हफ्ते गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव कम करने के उद्देश्य से सोमवार को दोनों देशों की सेनाओं के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की दूसरे दौर की वार्ता करीब 12 घंटे बाद खत्म हुई. ये बैठक पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए एलएसी पर चीन की तरफ चुशुल के मोल्डो में सुबह 11: 30 बजे शुरू हुई थी. सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की पहले दौर की बातचीत में बनी सहमति को लागू करने समेत विश्वास बहाली के उपायों को लागू किए जाने की उम्मीद है.

भारतीय दल की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह जबकि चीन की तरफ से शिनजियांग सैन्य जिले के चीफ मेजर जनरल लिउ लिन बातचीत कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक सोमवार को हुई कोर कमांडर स्तर की बैठक में भारत ने चीन से एलएसी से सैनिकों की वापसी के लिए समय सीमा मांगी. इस बीच खबर आई है कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे आज लेह का दौरा करेंगे और 14वीं कोर के सैन्य अफसरों के साथ हालात का जायजा लेंगे. इस दौरान वह भारत और चीन के सैन्य कमांडरों की बातचीत की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे.जनरल नरवणे चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ टेलीफोन पर की गई बातचीत में इस झड़प को पीएलए की पूर्वनियोजित कार्रवाई बताया था. इस घटना के बाद सरकार ने चीन के साथ लगने वाली 3500 किलोमीटर की सीमा पर चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिये सशस्त्र बलों को पूरी छूट दे दी है.

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वायुसेना किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार

सेना ने बीते एक हफ्ते में सीमा से लगे अग्रिम ठिकानों पर हजारों अतिरिक्त जवानों को भेजा है. वायुसेना ने भी झड़प के बाद श्रीनगर और लेह समेत अपने कई अहम ठिकानों पर सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर, मिराज 2000 लड़ाकू विमानों के साथ ही अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की तैनाती की है.पूर्वी लद्दाख के गलवान और कुछ अन्य इलाकों में दोनों सेनाओं के बीच पांच मई से ही गतिरोध बना हुआ है जब पैंगोंग सो के किनारे दोनों पक्ष के सैनिकों में झड़प हुई थी.


First published: June 23, 2020, 8:53 AM IST





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