Home Entertainment News NSD से एक्टिंग सीखने के बाद भी 5 सालों तक इंडस्ट्री की...

NSD से एक्टिंग सीखने के बाद भी 5 सालों तक इंडस्ट्री की धूल फांकते रहे राज बब्बर, नहीं मिला काम


राज बब्बर.

राज बब्बर (Raj Babbar) नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से एक्टिंग के गुर सीख कर मुंबई गए थे, लेकिन पांच सालों तक उन्हें कोई काम नहीं मिला.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के दमदार अभिनेता और बाद में राजनीति में अपना दमखम दिखाने वाले राज बब्बर (Raj Babbar) का आज जन्मदिन है. 23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूण्डला में जन्मे राज बब्बर बॉलीवुड में अबतक लगभग 200 फिल्मों में काम कर चुके हैं. हालांकि इन दिनों उनका रुख राजनीति का है. बता दें कि राज 6 भाई बहनों में सबसे बड़े हैं. फिल्मों में अभिनय के जुनून के चलते राज ने साल 1972 में दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया था. लेकिन सच ये है कि फिल्मों में बहुत कोशिशों के बाद भी उन्हें काम नहीं मिला. 5 साल ठोकरें खाने के बाद राज बब्बर ने 1977 में आई फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ से बॉलीवुड में कदम रखा. इस फिल्म में राज को काम तो मिला पर पहचान नहीं.

ऐसा कई मर्ताबा देखा जाता है कि उम्दा कलाकारों के लिए बॉलीवुड के दरवाजे आसानी से नहीं खुलते. मौजूदा दौर में चल रही बहस में आगे आते हुए खुद अभिनेता सैफ अली खान ने ये स्वीकार किया कि इंडस्ट्री कुछ खास लोगों को आसानी से काम मिल जाता है जबकि कई बेहद प्रतिभाशाली और उम्दा कलाकारों के लिए इंडस्ट्री के दरवाजे काफी समय तक बंद रहते हैं.

1980 में बीआर चोपड़ा (BR Chopra) की फिल्म ‘इंसाफ का तराजू’ के बाद लोग राज बब्बर को पहचानने लगे. इस फिल्म में राज एक बलात्कारी के किरदार में थे. ‘इंसाफ का तराजू’ में राज को फिल्म फेयर के बस्ट एक्ट अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट किया गया था. ‘इंसाफ का तराजू’ की सफालता के बाद राज बब्बर बीआर चोपड़ा के प्रिय अभिनेता बन गए थे और उन्होंने राज बब्बर को लगभग अपनी हर फिल्म में काम देना शुरू कर दिया. “निकाह, आज की आवाज, दहलीज, किरायेदार, आवाम और कल की आवाज” जैसी फिल्में शामिल हैं.

राज जब फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात सज्जाद जहीर की बेटी नादिरा (Nadira) से हुई. इन मुलाकातों ने बढ़ते-बढ़ते प्यार का शाक्ल अख्तियार कर लिया. साल 1975 में राज ने मशहूर थिएटर आर्टिस्ट और फिल्म निर्देशक नादिरा से शादी कर ली. पर राज की जिंदगी से प्यार की तलाश अभी पूरी नहीं हुई थी. साल 1982 में राज ने स्मिता पाटिल के साथ एक फिल्म की ‘भीगी पलकें’. इस फिल्म की शूटिंग के समय ही स्मिता राज के शांत स्वभाव एवं अभिनय प्रतिभा से प्रभावित हुई और दोनों एक दूजे के प्रेम-बंधन में बंधते चले गए.यह भी पढ़ेंः ढाई साल की बेटी ने किए ऐसे योगासन, सोहा अली खान ने शेयर किया वीडियो

यह नजदीकियां आने वाले समय में उनकी फिल्मों “तजुर्बा, शपथ हम दो हमारे दो, आनन्द और आनन्द, पेट प्यार और पाप, आज की आवाज और जवाब” में काम करते-करते शादी तक पहुच गई. साल 1985 में जब स्मिता और राज के प्यार के किस्से राज की पत्नी नादिरा के कानों तक पहुंचें तो उन्होंने राज से साफ कह दिया कि मुझे या स्मिता दोनों में से किसी एक को चुनना होगा.

स्मिता के प्यार में पागल राज ने प्यार के लिए घर छोड़ दिया और साल 1986 में स्मिता पाटिल के साथ शादी कर ली. दोनों का एक बेटा भी हुआ प्रतीक बब्बर. प्रतीक के जन्म के बाद ही स्मिता का देहांत हो गया. स्मिता की मृत्यु के बाद राज फिर से अपनी पहली पत्नी नादिरा के पास लौट आए.

व्यक्तिगत जीवन की तरह राज बब्बर ने अपने राजनीतिक जीवन में भी काफी उतार चढ़ाव देखे. राज ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत 1989 में जनता पार्टी से की. इसके कुछ वर्षों बाद वह समाजवादी पार्टी से जुड़े और तीन बार सांसद चुने गए. 1994 से 1999 तक वह राज्यसभा सांसद थे. वह 14वें लोकसभा चुनाव में दूसरी बार 2004 में लोकसभा सांसद बने.

2006 में राज बब्बर को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया. इसके दो साल बाद 2008 में इन्होंने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया और 2009 में चौथी बार चुनाव लड़ा. 2014 में राज बब्बर ने गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें वह बीजेपी नेता वी के सिंह से चुनाव हार गए. फिलहाल राज बब्बर राज्य सभा सदस्य हैं.


First published: June 23, 2020, 6:15 AM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments