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केंद्र सरकार ने किया बोनस का ऐलान, रेल कर्मचारियों ने हड़ताल करने का फैसला वापस लिया

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रेल कर्मचारियों की यूनियंस AIRF ने हड़ताल पर जाने की धमकी केंद्र सरकार को दी थी.

केंद्रीय कर्मचारियों को विजय दशमी से पहले बोनस देने का एलान केंद्र सरकार की तरफ से किया गया, जिसमें रेलवे के भी लाखों कर्मचारी शामिल हैं. केंद्र सरकार के इस एलान के बाद रेल कर्मचारियों की यूनियंस ने अपना हड़ताल का फैसला वापस ले लिया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 9:20 PM IST

दिवाकर सिंह
मुम्बई: केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा सभी केंद्रीय कर्मचारियों को सालाना बोनस का एलान करने के बाद रेल कर्मचारियों (Railway Employee) की यूनियंस ने कल होने वाली अपनी हड़ताल (railway strike) को वापस ले लिया है. बोनस ने मिलने से नाराज रेल कर्मचारियों की यूनियंस AIRF ने 22 अक्टूबर को हड़ताल पर जाने और 2 घण्टों तक सभी ट्रेनो को रोकने की धमकी केंद्र सरकार को दी थी. इसके लिए केंद्र सरकार को बाकायदा आज तक का अल्टीमेटम भी दिया गया था.

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई थी, जिसकी अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने की. इस बैठक के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को विजय दशमी से पहले बोनस देने का एलान केंद्र सरकार की तरफ से किया गया, जिसमें रेलवे के भी लाखों कर्मचारी शामिल हैं. केंद्र सरकार के इस एलान के बाद रेल कर्मचारियों की यूनियंस ने अपना हड़ताल का फैसला वापस ले लिया.

जानकारी के मुताबिक रेलवे को पटरी पर दौड़ाने के लिए पूरे देश मे करीब 10 लाख रेल कर्मचारी कार्य करते हैं जो कि अलग-अलग ग्रेड के होते हैं. इन कर्मचारियों को हर साल दुर्गा पूजा के दौरान सालाना बोनस दिया जाता है, लेकिन इस साल दुर्गा पूजा पर बोनस न मिलने से वह खासे नाराज थे औऱ हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे थे. सालाना बोनस के तौर पर हर एक रेलवे कर्मचारी को करीब 17000 से ज्यादा का बोनस मिलता है.पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting Decision) के दौरान त्‍योहारी सीजन को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) के लिए बड़ा फैसला किया गया है. कैबिनेट ने 30 लाख सरकारी कर्मचारियों को दीपावली बोनस (Government Employee Bonus) देने का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने बताया कि दशहरा से पहले ही केंद्र सरकार के 30 लाख कर्मचारियों को 3,737 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान शुरू होगा.





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फैंस को जबरदस्त सरप्राइज देंगे पारस छाबड़ा, नए गाने में रणवीर सिंह से कॉपी करेंगे लुक?

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पारस छाबड़ा (Photo Credit- @parasvchhabrra/Instagram)

पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) ने माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) के साथ अपने आने वाले गाने को लेकर जानकारी दी है. इस गाने में सबसे दिलचस्प लुक पारस का होगा.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 11:59 PM IST

मुंबई. मॉडल और अभिनेता पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) ने रिएलिटी शो बिग बॉस से अपनी पहचान बनाई थी. इसके बाद वो ऐसे मशहूर हुए कि उन्हें लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर जबरदस्त चर्चे होते दिखाई दिए. वहीं बिग बॉस के घर की तरह यहां से निकलने के बाद भी पारस और माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) की दोस्ती बरकरार रही. दोनों साथ में कुछ म्यूजिक वीडियोज करते भी दिखाई दे चुके हैं. हालांकि ये वीडियो कुछ खास कमाल नहीं कर सके. वहीं अब पारस ने अपने फैंस को इंप्रेस करने के लिए नई प्लानिंग कर ली है. जिसके बारे में उन्होंने खुद ही जानकारी दी है.

पारस छाबड़ा जो रियलिटी शो बिग बॉस सीजन 13 के मनोरंजन तड़का थे, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. पारस ने बहुत लंबे समय से अभिनेता और उनकी शैली को सराहा है. लॉकडाउन के बाद, पारस को अपने दोस्त और डिज़ाइनर भारत अहूजा ऑफ़ डिज़ायर डिज़ाइन स्टूडियो, की मदद से रणवीर सिंह के प्रेरित लुक में बदलने का मौका मिला.

ये लुक पारस के आगामी गीत के लिए है जो इस साल नवंबर में जल्द ही रिलीज़ हो रहा है. माहिरा शर्मा उस गीत में भी दिखाई देंगी जिसकी शूटिंग गोवा में हुई है. ये पारस छाबड़ा के नए प्रोडक्शन हाउस द्वारा है , जिसे उन्होंने हाल ही में अपने प्रिय मित्र गौरव के शर्मा के साथ शुरू किया है. ये गीत अभिनेता के प्रोडक्शन हाउस की पहली परियोजना है.

उनका कहा है कि- ‘ये एक धमाकेदार संख्या है और सभी संगीत प्रेमियों के लिए एक उपहार होगा. आप मुझे एक बिलकुल ही अलग अवतार में देखेंगे जिसके लिए मैं अपने दोस्त भारत अहूजा को धन्यवाद करना चाहूंगा. अगर हम गाने में माहिरा के लुक के बारे में बात करते हैं, तो वह एक स्वारोवस्की लहंगा में नजर आएंगी’.





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आखिर क्या है उस Tweet का राज, जिसे 3 साल से Pin करके रखा है तेजस्वी यादव ने

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चुनावी मौसम में तेजस्वी का तीन साल पहले किया हुआ एक ट्वीट फिर चर्चा में आ गया है. (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Elections 2020: तेजस्वी यादव ने तीन साल पहले लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले के संबंध में एक ट्वीट किया था, इसमें उन्होंने इशारा किया था कि उनके पिता के द्वारा कुछ लोगों से हाथ न मिलाने के चलते ये घोटाला उपजा.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 9:33 PM IST

पटना. बिहार में इन दिनों विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Elections 2020) को देखते हुए राजनीतिक पार्टियां और उनके नेता जोर शोर से तैयारियों में जुटे हैं. सभाएं, रैलियां, मीडिया के सामने बयानबाजी, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के दौर और सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी पार्टी और खुद को साफ-सुथरा व जनता का सेवक बनाने जैसे बयान इन दिनों काफी तेजी से सुर्खियां बन रहे हैं. इसी बीच एक और चर्चा चली है. ये चर्चा है आरजेडी के नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव (Tejasvi Yadav) की. पूरे देश में तेजस्वी दो मुद्दों को लेकर लोगों की जबान पर हैं. पहली, उन पर मंगलवार को औरंगाबाद में एक सभा के दौरान चप्पल का फेंका जाना. दूसरी, उनका एक ट्वीट. ये वो ट्वीट है जो तेजस्वी यादव ने तीन साल पहले मतलब 2017 में किया था और आज तक उन्होंने इसको पिन कर रखा है. जिसके चलते जब भी तेजस्वी का ट्वीटर अकाउंट खोला जाएगा ये पहला ट्वीट होगा जो किसी को दिखेगा. इस ट्वीट में तेजस्वी ने लालू प्रसाद, चारा घोटाला और डीएनए का ऐसा जिक्र किया है कि चुनावों के दौरान एक बार फिर ये चर्चा में आ गया है. लेकिन इस ट्वीट के पीछे राज क्या है, आखिर क्यों ये ट्वीट आज तक तेजस्वी ने पिन कर रखा है और इस चुनाव में क्या इसका कोई असर होगा. ये ऐसे सवाल हैं जो हर किसी के दिमाग में कौंध रहे हैं.

क्या लिखा है ट्वीट में
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘अगर लालू जी बीजेपी से हाथ मिला लेते तो वो आज हिंदुस्तान के राजा हरीशचंद्र होते. तथाकथित चारा घोटाला दो मिनट में भाईचारा घोटाला हो जाता अगर लालू जी का डीएनए बदल जाता.
तेजस्‍वी ने यह ट्वीट दिसंबर 2017 में किया था इसके कुछ ही समय बाद 2018 में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई कोर्ट ने चारा घोटाले में सजा सुना दी थी.

तेजस्वी का तीन साल पहले किया गया ट्वीट जो आज तक पिन किया हुआ है.

आखिर क्यों किया ये ट्वीट
ये ट्वीट जिस तारीख का है उसी के आस पास ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि लालू परिवार पर ईडी की कार्रवाई और चारा घोटाले को लेकर परेशान होने के बाद लालू प्रसाद ने बीजेपी से बात शुरू की है. लेकिन इन बातों पर बीजेपी ने तत्काल विराम लगाते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है और इस घोटाले या ईडी की कार्रवाई को लेकर उनका कोई संबंध नहीं है. इसी दौरान तेजस्वी ने भी दिल्ली के गलियारों में काफी चक्कर लगाए थे. माना जा रहा है कि उसी समय हताश होने के बाद तेजस्वी का ये ट्वीट सामने आया.

फिलहाल चर्चा में क्यों
विधानसभा चुनाव 2020 को देखते हुए इस ट्वीट पर चर्चा करना इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि तेजस्वी इन दिनों काफी सक्रिय हैं. वहीं, एक बार फिर चुनावों में चारा घोटाला और लालू परिवार पर हुई ईडी की कार्रवाई मंचों से सुनने को मिल रही है. ऐसे में तेजस्वी इस ट्वीट के जरिए अपने परिवार और लालू प्रसाद यादव की छवि पर हो रहे प्रहारों का जवाब देते दिख रहे हैं. ट्वीट पर कई तरह के कमेंट भी आ रहे हैं और उनमें अधिकतर कमेंट नेगेटिव ही दिखाई पड़ते हैं.





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ओवैसी की योगी आदित्यनाथ को चुनौती- सच्चे योगी हैं तो 24 घंटे में साबित करें कि मैं पाक का समर्थक

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असदुद्दीन ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी है. (File Photo)

ओवैसी ने कहा है कि मैं योगी आदित्यनाथ को चुनौती देता हूं कि अगर वह सच्चे योगी हैं तो वह 24 घंटे में इस बात को साबित करें कि मैं पाकिस्तान का समर्थन करता हूं.

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  • Last Updated:
    October 21, 2020, 9:39 PM IST

नई दिल्ली. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owaisi) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) को उनके पाकिस्तान वाले बयान को लेकर चुनौती दी है. ओवैसी ने कहा है कि योगी के बयान से निराशा साफ झलकती है. अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो वह उसे 24 घंटे में पेश करें. ओवैसी ने आरजेडी (RJD) और कांग्रेस (Congress) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) जीतने के लिए कोई भी रणनीति और दृष्टिकोण नहीं है.

एआईएमआईएम सांसद ने बुधवार को कहा कि- मैं योगी आदित्यनाथ को चुनौती देता हूं कि अगर वह सच्चे योगी हैं तो वह 24 घंटे में इस बात को साबित करें कि मैं पाकिस्तान का समर्थन करता हूं. ओवैसी ने कहा कि ये बयान उनकी निराशा को दिखाता है. ओवैसी ने कहा कि क्या उन्हें मालूम नहीं है कि मैं पाकिस्तान जाकर वहां भारत के लोकतंत्र के बारे में बात करके आया हूं.

ओवैसी ने बिहार चुनाव को लेकर कहा कि कांग्रेस (Congress) और राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta Dal) के पास बिहार चुनाव जीतने की सामर्थ्य नहीं है. उनके पास न तो भाजपा को लेकर कोई बौद्धिक ईमानदारी है और न ही दृढ़ विश्वास है. ओवैसी ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव के लिए उनके पास कोई राजनीतिक दृष्टि या रणनीति नहीं है. ये भी पढ़ें- बिहार चुनाव: योगी आदित्यनाथ ने वाम दलों को बताया कोरोना, बोले- कांग्रेस-आरजेडी इसे आपके बीच छोड़ना चाहती है

बता दें बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ ने बिहार (Bihar) के जमुई (Jamui), भोजपुर (Bhojpur) और पटना (Patna) की चुनावी रैलियों में दावा किया था कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाये जाने से सबसे अधिक पीड़ा राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और असदुद्दीन औवैसी (Asaduddin Owaisi) को हुई है.

योगी ने अपनी रैलियों में कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी को पाकिस्तान का समर्थक भी बताया था. साथ ही कहा था कि ये लोग पाकिस्तान की तारीफ करते हैं इसलिए देशहित के बारे में कभी नहीं सोच सकते.





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एक्सीडेंट के बाद वन विभाग ने सीज किया रेल इंजन, 12 करोड़ की जमानत पर रेलवे को दी कस्टडी

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रेलवे के इसी इंजन से हाथियों की मौत होना बताया जा रहा है.

अगर 45 दिन की पुलिस (Police) कस्टडी के दौरान रेल इंजन (Rail Engine) को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी रेलवे की होगी. इसी के चलते रेलवे से इस संबंध में 12 करोड़ रुपये की जमानत भी ली गई है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 8:15 PM IST

तूलिका देवी

नई दिल्ली. ट्रेन एक्सीडेंट (Train Accident) में दो हाथियों की मौत के बाद लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट (Reserve forest) के अधिकारियों ने रेलवे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था. एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद पुलिस ने मालगाड़ी के इंजन (Rail Engine) को सीज कर दिया. लेकिन पब्लिक की जरूरत को देखते हुए बाद में इंजन को रिलीज कर दिया है, लेकिन रेलवे अधिकारियों को ही इंजन की 45 दिन की कस्टडी दी गई है. यह घटना 27 सितंबर रात की बताई जा रही है.

ट्रेन के दोनों ड्राइवर को रेलवे ने किया निलंबित
असम के मुख्य वन्यजीव वार्ड के आईएफएस अफसर महेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 27 सितंबर, 2020 को लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट में एक मालगाड़ी के इंजन से एक हाथी और उसके बच्चे की मौत हो गई. पूर्व की घटनाओं को देखते हुए फौरन ही वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया.यह भी पढ़ें– हाथरस केस: पीड़िता की जांच करने वाले डॉक्टरों को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

वन अधिकारियों के एक दल ने बामुनीमैदन लोको शेड के इंजन को जब्त कर लिया. वहीं लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को रेलवे ने आंतरिक जांच के बाद निलंबित कर दिया है.

12 करोड़ की जमानत पर रेलवे की कस्टडी में दिया इंजन
रेल इंजन (नंबर- 12440 WDG4) को सीनियर डीएमई डीजल, न्यू गुवाहाटी, बामुनिमेडन रेलवे यार्ड में चंद्र मोहन तिवारी के कब्जे से लेकर सीज किया गया था. लेकिन बाद में जरूरत को देखते हुए रेलवे अधिकारी चंद्र मोहन तिवारी की कस्टडी में 45 दिन के लिए दे दिया गया.

इंजन सीज की कार्रवाई करने वालीं अधिकारी नलिनी कुमार कालिता ने कस्टडी की कार्रवाई करते हुए रेलवे को हिदायत दी है कि अगर जांच के दौरान इंजन में कुछ भी हुआ तो इसकी जिम्मेदार रेलवे होगी. वहीं कस्टडी के दौरान रेलवे से 12 करोड़ रुपये की जमानत भी ली गई है.





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पहले कार कंटेनर चालक से ली लिफ्ट, फिर उसे बंधक बना चमचमाती नई कार लूटी

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लुटेरों ने कंटेनर के चालक को बंधक बना लिया और उसमें लदी एक नई स्विफ्ट जिटजायर कार को लेकर फरार हो गए (फोटो: News 18)

आगरा (Agra) के छलेसर पुलिस चौकी के पास अपराधियों ने ड्राइवर के हाथ-पैर बांधकर उसे कंटेनर में लोड एक कार में बंद कर दिया और वहां से एक नई चमचमाती कार (Car Loot) को लूटकर फरार हो गए

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 10:46 PM IST

आगरा. हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) से मारुति कंपनी की नई कारों (Maruti Cars) को लेकर महाराष्ट्र के नागपुर जा रहे कंटेनर पर बदमाशों ने रास्ते में धावा बोलकर एक कार लूट ली. सवारी बनकर बैठे बदमाशों ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया. आगरा (Agra) के छलेसर पुलिस चौकी के पास अपराधियों ने ड्राइवर के हाथ-पैर बांधकर उसे कंटेनर में लोड एक कार में बंद कर दिया और वहां से एक नई चमचमाती कार को लूटकर फरार हो गए. घटना रविवार रात की है. मामला सामने आने पर पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज किया.

मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के नवादा का रहने वाला गौतम कुमार रविवार सुबह कंटेनर में पांच मारुति ईको, एक ब्रेजा और एक स्विफ्ट डिजायर कार लोड कर चला था. पलवल के पास तीन युवक लिफ्ट लेकर कंटेनर में सवार हो गए. मथुरा टोल प्लाजा पार करने के बाद युवकों ने चालक को काबू में कर लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर नीचे डाल दिया. इसके बाद एक बदमाश ने कंटेनर को स्टेयरिंग संभाल ली. आगरा की छलेसर पुलिस चौकी से 50 मीटर दूर कंटेनर रोककर बदमाश चालक को केबिन से उतारकर कंटेनर के पिछले हिस्से में ले गए. यहां उसे कंटेनर में लोड एक कार में बंद कर दिया और वहां से एक स्विफ्ट डिजायर कार को लेकर फरार हो गए. जाते-जाते अपराधी कंटेनर को बाहर से बंद कर गए.

कंटेनर की साइड खिड़की से किसी तरह बाहर निकलकर ड्राइवर ने पास में स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारियों की मदद से पुलिस को वारदात की सूचना दी. पुलिस ने शुरुआत के 12 घंटे तक मामले को उलझाए रखा, वो केस दर्ज करने में टाल-मटोल करते रहे. बाद में कंटेनर चालक ने कंपनी के मैनेजर बलवीर सिंह को इसकी सूचना दी जिसके बाद उनकी तहरीर पर पुलिस ने सोमवार शाम लूट का मामला दर्ज किया. फिलहाल बदमाशों और लूटी गई स्विफ्ट डिजायर कार का पता नहीं चला है.

इसी महीने लूट ली गई थीं करोड़ों रुपए मूल्य की पांच लग्जरी कारेंबता दें कि, इससे पहले बीते पांच अक्टूबर को हरियाणा के नूह-मेवात जिले में कंटेनर में लोड कर लाई जा रही साढ़े पांच मर्सीडिज कारों की लूटपाट का मामला सामने आया है. पुलिस ने सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए महज चार घंटे में लुटेरों का पर्दाफाश कर लूटी गई कारों को बरामद कर लिया था. पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया था. लूटी गई इन लग्जरी कारों का मूल्य साढ़े तीन करोड़ रुपए था.





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महिला यात्रियों को बड़ी राहत, पश्चिमी रेलवे मुंबई में चलाएगा 4 और ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेनें

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सांकेतिक तस्वीर

Ladies Special Train: रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि चार और ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेनों के चलने के बाद अब पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यू आर) महिलाओं के लिए कुल छह विशेष ट्रेनें चला रहा है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा मध्य रेलवे (सीआर) कुल 706 लोकल ट्रेनें चला रहा है, जिनमें से चार ‘लेडीज स्पेशल’ हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 8:00 PM IST

Mumमुम्बई. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) के मुम्बई में लोकल ट्रेनों (Local Train) में महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने के एक दिन बाद पश्चिमी रेलवे ने उपनगरीय नेटवर्क पर चार और लेडीज स्पेशल ट्रेनें (Ladies Special Train) चलाने का ऐलान किया है. अधिकारियों ने बताया कि गैर-व्यस्त घंटों में महिलाएं अन्य ट्रेनों में भी यात्रा कर सकती हैं. रेलवे अधिकारियों ने 15 जून से महानगर में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू कर दी थीं. अभी तक केवल आवश्यक सेवाओं में कार्यरत लोग ही इनमें यात्राएं कर रहे थे.

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि चार और ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेनों के चलने के बाद अब पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यू आर) महिलाओं के लिए कुल छह विशेष ट्रेनें चला रहा है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा मध्य रेलवे (सीआर) कुल 706 लोकल ट्रेनें चला रहा है, जिनमें से चार ‘लेडीज स्पेशल’ हैं.
रेल प्राधिकरण ने सीआर और डब्ल्यू आर मार्गों पर बुधवार से सुबह 11 से दोपहर तीन बजे और शाम सात बजे के बाद से महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति दे दी है.

16 अक्टूबर को रेलवे से सरकार ने किया था आग्रह

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 16 अक्टूबर को रेलवे से आग्रह किया था कि गैर व्यस्त घंटों में महिला यात्रियों को लोकल ट्रेन सेवा का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए. इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने एक और पत्र लिख रेल अधिकारियों से कहा था कि राज्य के अनुरोध पर जल्द से जल्द विचार किया जाए. इसके बाद गोयल ने मंगलवार को महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने की घोषणा की थी.





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बीजेपी छोड़ने के बाद फूटा खड़से का गुस्सा, देवेंद्र फडणवीस पर लगाया फंसाने का आरोप

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एकनाथ खडसे काफी लंबे समय से बीजेपी से नाराज चल रहे थे. (फाइल)

महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार (BJP Government) में मंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से (BJP leader Eknath Khadse) ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है. खड़से ने इस बात की पुष्टि की है कि वह 23 अक्टूबर को शरद पवार (Sharad Pawar) के नेतृत्व वाली एनसीपी जॉइन करेंगे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 10:49 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya janta Party) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से ने बुधवार को बीजेपी से अलग होने की घोषणा कर दी है. पार्टी से अलग होकर वह 23 अक्टूबर को एनसीपी (NCP) का दामन थामने जा रहे हैं. इस पूरे सियासी माहौल के बीच खड़से ने एक बात साफ कर दी है कि वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से खुश नहीं थे.

मैंने बीजेपी में बहुत कुछ सहा है: खड़से 
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में खड़से ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने एक महिला की गलत शिकायत पर पुलिस को मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा कि बाद में केस वापस ले लिया जाएगा. खड़से ने कहा कि मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू की गई, जिसमें मैं पाक साफ साबित हुआ. मैंने बीजेपी में बहुत कुछ सहा है.

खड़से ने न्यूज 18 से कहा, ‘मुझे बीजेपी से बाहर निकाला गया है. मैं देवेंद्र फडणवीस के अलावा किसी से भी दुखी नहीं था. मुझे कोई आश्वासन नहीं दिया गया.’ उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी से अकेला जा रहा हूं, मेरे साथ कोई सांसद या विधायक नहीं हैं.’

टिकट नहीं मिलने के बाद से शुरू हुआ तनाव
खड़से के पार्टी के साथ रिश्ते तब और खराब हो गए जब उन्हें 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया. इसके बाद उनकी बेटी रोहिणी खड़से (Rohini Khadse) की चुनावी हार के बाद यह नाराजगी और बढ़ गई. इसके अलावा 2016 में बीजेपी सरकार में मंत्री पद पर रहे खड़से को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पद छोड़ना पड़ा. ऐसा कहा जाता रहा है कि उन्हें फडणवीस के पार्टी चलाने का तरीका पसंद नहीं आ रहा था.





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कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली को मुंबई पुलिस ने भेजा नोटिस, इस मामले पर होगी पूछताछ

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कंगना रनौत और रंगोली चंदेल (Photo Credit- @kanganaranaut/Instagram)

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और उनकी बहन रंगोली चंदेल (Rangoli Chandel) को मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने नोटिस (Notice) भेजा है. कंगना पर समुदायों के बीच कथित तौर पर वैमनस्य को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है.

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  • Last Updated:
    October 21, 2020, 10:45 PM IST

मुंबई. बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और उनकी बहन रंगोली चंदेल (Rangoli Chandel) को मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बुधवार को नोटिस (Notice) जारी किया है. इस नोटिस में उन्हें अपने बयान दर्ज कराने के लिये अगले हफ्ते पुलिसकर्मियों के समक्ष पेश होने को कहा गया है. एक अधिकारी ने ये जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि अपनी टिप्प्णियों के जरिए समुदायों के बीच कथित तौर पर वैमनस्य को बढ़ावा देने को लेकर उन दोनों के खिलाफ दर्ज मामले के सिलसिले में बयान दर्ज किए जाने हैं.

इस मामले में बांद्रा मेट्रोपोलेटिन मजिस्ट्रेट की अदालत ने शनिवार को पुलिस को बॉलीवुड के कास्टिंग निर्देशक एवं ‘फिटनेस ट्रेनर’ मुनव्वर अली सैयद द्वारा दायर एक शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था. शिकायत में रनौत और उनकी बहन के ट्वीट तथा अन्य बयानों का जिक्र किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अदालत के निर्देशों पर बांद्रा पुलिस ने रनौत और उनकी बहन (रंगोली) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 ए (धर्म, नस्ल आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना), 295 ए (धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिये जानबूझ कर की गई हरकत) और 124-ए (राजद्रोह) तथा 34 (समान मंशा रखने) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

उन्होंने बताया, ‘‘हमने रनौत और उनकी बहन को नोटिस जारी कर उन्हें उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में पुलिस के समक्ष पेश होने को कहा है. उनसे सोमवार और मंगलवार को उपस्थित होने को कहा गया है’. अदालत में दायर शिकायत में सैयद ने आरोप लगाया था कि रनौत अपने ट्वीट और टीवी इंटरव्यू के जरिये पिछले दो महीनों से बॉलीवुड को ‘परिवारवाद का केंद्र’, ‘पक्षपाती’ आदि कह कर इसकी छवि खराब कर रही हैं.शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि उन्होंने बहुत आपत्तिजनक टिप्पणी कर न सिर्फ उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाया है, बल्कि कई कलाकारों की भावनाएं भी आहत की हैं.





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महाराष्ट्रः CM और राज्यपाल के बीच नहीं थमा विवाद, पुलिस स्मृति दिवस पर मंच साझा करने से इनकार!

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

पुलिस स्मृति दिवस (Police Memorial Day) पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंदिर तनाव के बाद पहली बार मंच साझा करने वाले थे, तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं. राज्यपाल का प्रोटोकॉल भी तैयार हो चुका था, लेकिन अचानक देर शाम राज्यपाल का नए गांव स्थित कार्यक्रम में आना कैंसिल हो गया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 10:50 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में मंदिर खोलने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) के बीच हुए चिट्ठी वार का असर अब भी लगातार दिख रहा है. पुलिस स्मृति दिवस (Police Memorial Day) पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंदिर तनाव के बाद पहली बार मंच साझा करने वाले थे, तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं. राज्यपाल का प्रोटोकॉल भी तैयार हो चुका था, लेकिन अचानक देर शाम राज्यपाल का नए गांव स्थित कार्यक्रम में आना कैंसिल हो गया.

हालांकि इसके पीछे राज्यपाल के स्वास्थ्य संबंधी कारण नहीं दिए गए हैं. मंगलवार की देर शाम बीएमसी के एक मुद्दे पर बीजेपी के एक डेलीगेशन ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर उनको ज्ञापन दिया था. अचानक राज्यपाल का कार्यक्रम में ना आना यह बताता है कि अब भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है.

मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच विवाद
बता दें कि राज्यपाल ने मंदिर खोलने के मुद्दे पर सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या वह सेकुलर हो गए हैं और मंदिर पर आस्था नहीं है. जिसके बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने भी राज्यपाल को कड़े शब्दों में जवाब दिया. राज्यपाल और सीएम के बीच इस चिट्ठी के कारण विवाद पैदा हो गया.

मुख्यमंत्री ने भी इसका जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें राज्यपाल से अपने हिंदुत्व का प्रमाण नहीं चाहिए. अब पार्टी के मुखपत्र सामना में राज्यपाल पर सवाल उठाए गए हैं. सामना में लिखा है कि राज्यपाल के पद पर आसीन व्यक्ति को कैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, यह भगत सिंह कोश्यारी ने दिखा दिया है. मुखपत्र में लिखा है कि राज्यपाल ने आ बैल मुझे मार जैसा व्यवहार किया लेकिन वे ये कैसे भूल गए कि यहां बैल नहीं बल्कि शेर है.





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