Home India News इंजीनियर्स डे: भारत की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल को समर्पित स्टैम्प लॉन्च...

इंजीनियर्स डे: भारत की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल को समर्पित स्टैम्प लॉन्च किया गया


भारत में हर साल एम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन को ‘इंजीनियर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) द्वारा जारी किया गया ये स्टैम्प देश की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) को समर्पित है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 15, 2020, 8:34 PM IST

नई दिल्ली. इंजीनियर्स डे पर मंगलवार को भारत की पहली एंटी-सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) को समर्पित एक स्टैम्प जारी किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे. गौरतलब है कि भारत में हर साल एम विश्वेश्वरैया (Mokshagundam Visvesvaraya) के जन्मदिन को ‘इंजीनियर्स डे’ (Engineers Day) के रूप में मनाया जाता है. वह एक सिविल इंजीनियर और राजनेता भी थे. उनका जन्‍म मैसूर ( Mysore) में 15 सितंबर, 1861 को हुआ था.

1955 में विश्वेश्वरैया को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया. एक ऐसे समय में जब बेहतर इंजीनियरिंग सुविधाएं नहीं थीं, तब एम. विश्वेश्वरैय्या ने ऐसे विशाल बांध का निर्माण पूरा करवाया, जो भारत में इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल माना जाता है. देश के विकास में इंजीनियर्स की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता. मैसूर में किए गए एम विश्वेश्वरैया के कामों की वजह से उन्‍हें मॉर्डन मैसूर का पिता कहा जाता है.

विश्वेश्वरैया ने कई नदी, बांध और पुलों का निर्माण किया था. विश्वेश्वरैया के बाद भारत में इंजीनियर्स की बाढ़ आ गई. एक वक्त तो ऐसा भी आया कि उत्तर भारत के हर घर में एक इंजीनियर तो मिल ही जाता था. हालांकि इंजीनियरिंग का क्रेज अभी भी जारी है. भारत हर साल 15 लाख इंजीनियर्स प्रोड्यूस करता है. भले ही हमारे देश में इंजीनियर्स की तादाद इतनी ज्यादा होने की वजह से स्थिति पहले जैसी अच्छी नहीं रही, लेकिन भारत के बाहर अभी भी इंजीनियर्स की काफी डिमांड है. भारतीय इंजीनियर्स इतने ऑल- राउंडर होते हैं कि इंजीनियरिंग करने के साथ ही साथ वो लेखनी, फिल्म, फैशन, बिजनेस, मार्केटिंग, ब्यूरोक्रेसी के सेक्टर में भी वो अच्छा कर रहे हैं.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments