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इन आसान एक्सरसाइज से मजबूत होंगी हड्डियां और मांसपेशियां, हीलिंग पॉवर होगी स्ट्रांग


खेलकूद में किसी भी प्रकार की चोट सामान्य परेशानी है. यह न सिर्फ प्लेयर्स बल्कि आम लोगों में भी कई बार होती है. इसका कारण है नियमित व्यायाम नहीं करना या जरूरत से ज्यादा व्यायाम करना. इन चोटों के कारण हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं. यदि रोजाना कुछ छोटे-छोटे व्यायाम किए जाएं तो इनसे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं. स्पोर्ट्स इन्जुरी में घुटनों में चोट, स्ट्रेन, स्प्रेन, मसल्स में सूजन, मसल्स का फटना, हड्डियों का टूटना या हड्डियों का खिसकना आदि शामिल हैं. इन सभी प्रकार की चोट लगने का खतरा क्रिकेट, फुटबॉल, बैंडमिंटन और हॉकी खिलाड़ियों को अधिक होता है.

रोज जरूर करना चाहिए ये व्यायाम

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से स्कॉट होल्ड, एंकल रोटेशन, शोल्डर रोटेशन करें. शोल्डर के लिए शोल्डर प्रेस और हिप के लिए ग्लुड ब्रिज नियमित कर सकते हैं. इसके अलावा रोज कम से कम 10 से 15 योगासन जरूर करने चाहिए. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, योगासन करने से शरीर में लचीलापन आता है, जिससे खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान चोट लगने की आशंका बेहद कम हो जाती है. इससे मांसपेशियां मजबूत और लचीली होती हैं.व्यायाम के लिए छोटे-छोटे ट्रिक्स अपनाएं

रोज करीब 20 बार दोनों पैरों पर बारी-बारी से 1 मिनट तक खड़े रहें. इस प्रक्रिया को किसी भी कार्य को करते समय किया जा सकता है, जैसे मोबाइल चलाते समय या ब्रश करते समय किया जा सकता है.  बैठे-बैठे भी हाथ पैर की एक्सरसाइज की जा सकती है, जैसे यदि आप ऑफिस में या कहीं कुर्सी पर बैठे हैं तो हाथ पैरों की कलाइयों को क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज घुमाते रहें, इससे लिगामेंट मजबूत होते हैं.

व्यायाम के दौरान भी शारीरिक संतुलन जरूरी

कई लोगों को एक ही तरफ से काम करने की आदत होती है, इसलिए दूसरी ओर के हिस्से में मूवमेंट कम होने के कारण उस हिस्से के कमजोर होने की या उस जगह चोट लगने की आशंका रहती है. क्रिकेट, फुटबॉल और बैडमिंटन के खिलाड़ियों को इस ओर अधिक ध्यान देना चाहिए. खेलने से पहले वार्म-अप बेहद जरूरी है, अन्यथा इससे चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है. इसके अलावा भरपूर पानी भी पीना चाहिए, इससे भी मांसपेशियां मजबूत रहती हैं.

प्लेयर्स में चोट होने के कारण

कई खिलाड़ियों को 10 फीसदी चोट लगने की आशंका तब होती है, जब उन्हें खेल के सही नियम नहीं पता होते हैं. एक शोध के मुताबिक, 1000 खिलाड़ियों में से 36 खिलाड़ियों को चोट लगने की आशंका होती है. इसके अलावा 50 फीसदी चोटों के मामले सावधानियां बरतकर रोके जा सकते हैं. लिगामेंट में चोट किसी दबाव या खिंचाव के कारण होती है. इसके कारण उस जगह पर या जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, कमजोरी या उठने-बैठने में तकलीफ होने लगती है. या फिर उस जगह पर मूवमेंट बिल्कुल बंद हो जाती है. इस तरह की चोट में दर्द असहनीय होता है. अचानक किसी भी प्रकार की चोट लगती है, जिससे हड्डियों में सूजन और दर्द होने लगता है. इसके लिए बर्फ के टुकड़े से उस जगह की सेंकने से सूजन कम हो जाती है. मांसपेशियों के सूजन पर भी सिकाई करने से फायदा होता है.

चोट लगने पर ये रखें सावधानी

जब भी कोई चोट लगे तो सबसे पहले आराम जरूर करना चाहिए. इसके अलावा जिस हिस्से में चोट लगी है, उसे बिल्कुल भी हिलाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे उस जगह की हड्डी खिसक सकती है.  इसके अलावा यदि मांसपेशियों में खिचाव की समस्या भी होगी तो यह चलने-फिरने पर ज्यादा दिक्कत दे सकती है.

सही डाइट का ख्याल रखें

myUpchar से जुड़े डॉ. केएम नाधिर के अनुसार, हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम के अलावा प्रोटीन, विटामिन डी, पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर आहार लेना चाहिए. हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी है। इसलिए सुबह की हल्की धूप में नियमित रूप से बैठना चाहिए. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, हड्डियों को मजबूत करने के घरेलू उपाय पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)





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