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इस सरकारी संस्थान में एडमिशन के लिए सबसे पहले China से आए 5 आवेदन


केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा.

नई दिल्ली. भारत और चीन बॉर्डर के हालात जगजाहिर हैं. हिंसक झड़प के बाद दोनों ओर से तनातनी का माहौल है. चीनी सेना और भारतीय सेना आमने-सामने हैं. बावजूद इसके भारत का एक संस्थान ऐसा है जो इस माहौल में भी चीनी छात्रों को आकर्षित कर रहा है. जून में जब इस संस्थान ने प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे तो सबसे पहले 5 आवेदन चीन से आए. यह आवेदन केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा ने मांगे हैं. संस्थान हर साल 100 सीट पर विदेशी छात्रों को हिंदी सिखाता है. अभी तक 70 आवेदन आ चुके हैं.

हर साल 5 से 6 चीन छात्र आते हैं हिंदी सीखने

केन्द्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के कुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी बताते हैं कि हर साल संस्थान में 5 से 6 चीनी छात्र हिंदी सीखने आते हैं. बीते साल 6 छात्र आए थे तो उससे पहले 5 छात्र हिंदी सीखने भारत आए थे. इस सत्र के लिए अभी तक चीन से 5 आवेदन आ चुके हैं. लेकिन एडमिशन देना है या नहीं इस पर केन्द्र से दिशा-निर्देश आने के बाद ही फैसला लिया जाएगा. मौजूदा माहौल और विदेशी मामला होने के चलते हम ऊपर से आदेश आने के बाद ही एडिमिशन पर विचार करेंगे.

भारत-चीन कारोबार के चलते सीखते हैं हिंदीकुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी का कहना है कि मौजूदा वक्त में भारत और चीन के बीच तेजी के साथ कारोबार बढ़ा है. दोनों देशों के कारोबारियों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में भाषा की कोई परेशानी न आए इसके लिए हिंदी और चीनी भाषा अनुवादकों की जरूरत होती है. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए चीनी छात्र भारत आकर हिंदी सीखना चाहते हैं.

इन देशों से सबसे ज़्यादा छात्र आते हैं हिंदी सीखने

कुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी का कहना है कि चीन, जापान, मंगोलिया, कोरिया, मॉरिशस आदि देशों से सबसे ज़्यादा छात्र हिंदी सीखने आते हैं. इसके अलावा 10 से 15 देश और ऐसे हैं जहां से एक-दो छात्र हिंदी सीखने के लिए भारत आते हैं. कभी-कभी कुछ देशों से एक भी आवेदन नहीं आता है तो किसी साल एक आवेदन आ जाता है. लेकिन जिन देशों का ऊपर ज़िक्र किया गया है वहां से हर साल बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं.

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First published: June 22, 2020, 11:15 AM IST





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