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कभी हॉटस्पॉट रहे धारावी में अब 78 दिन में दोगुने हो रहे केस, सरकार ने की तारीफ


धारावी में 80 फीसदी जनसंख्या सार्वजनिक शौचालयों पर निर्भर है

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) ने कहा कि मंत्रालय की तरफ से कोविड-19 (Covid-19) को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस का कई राज्यों ने बखूबी पालन किया है जिसमें महाराष्ट्र सरकार और बृह्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (Brihanmumbai Municipal Corporation) हैं.

मुंबई. कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने में धारावी (Dharavi) मॉडल को लेकर केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra) और बीएमसी (BMC) की तारीफ की है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) ने कहा कि मंत्रालय की तरफ से जारी की गई गाइडलाइंस का कई राज्यों ने बखूबी पालन किया है जिसमें महाराष्ट्र सरकार और बृह्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (Brihanmumbai Municipal Corporation) हैं. इन दोनों के प्रयासों से अच्छे परिणाम आये हैं. बता दें धारावी एक समय में कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट था लेकिन अब यहां आने वाले मामलों की संख्या बहुत कम होती जा रही है.

डबलिंग रेट में सुधार,अप्रैल में 18 दिन और अब 78 दिन
घनी आबादी वाले झुग्गी बस्ती क्षेत्र धारावी में डबलिंग रेट में काफी सुधार देखने को मिला है. अप्रैल में इस इलाके में कोरोना वायरस के 491 केस थे जिसका ग्रोथ रेट 12% और डबलिंग रेट 18 दिन था. बीएमसी के प्रयासों से ग्रोथ रेट में कमी आयी और मई में ये घटकर 4.3% हो गया और फिर जून में 1.02% हो गया. सरकार और प्रशासन की कोशिशों से डबलिंग रेट में भी सुधार हुआ. जहां मई में डबलिंग रेट 43 दिन था वह अब जून में बढ़कर 78 दिन हो गया है.

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धारावी में बीएमसी के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी थीं. धारावी में 80 फीसदी जनसंख्या सार्वजनिक शौचालयों पर निर्भर है. 10/10 के कमरे में 8 से 10 लोग रहते हैं. जहां ग्राउंड फ्लोर घर के लिए और दूसरे फ्लोर फैक्ट्रियों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. ऐसी जगह पर सामाजिक दूरी का पालन मुश्किल है. ऐसे में कोरोना पर काबू पाने के लिए बीएमसी ने चार मॉडल पर काम किया. ट्रेसिंग,ट्रैकिंग,टेस्टिंग और ट्रीटिंग.

इस तरह फैलने से रोका गया कोरोना
इस जगह पर 47,500 लोगों को घर-घर जाकर डॉक्टरों और प्राइवेट क्लीनिक के माध्यम से कवर्ड किया गया. मोबाइल वैन के जरिए 4,76,775 लोगों की स्क्रीनिंग हुई. बुजुर्गों और हाई रिस्क वालों के लिए फीवर क्लीनिक सेटअप की गई जिससे 3.6 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हुई. कुल मिलाकर धारावी में 5,48,270 लोगों की स्क्रीनिंग हुई. यहां संदिग्ध मामलों को कोविड केयर सेंटर्स और क्वारन्टीन सेंटर्स भेजा गया. यहां के 90 फीसदी मरीजों का इलाज धारावी के अंदर ही हुआ.

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धारावी में शनिवार को आए अब तक के सबसे कम केस
बता दें धारावी में लगातार नए मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार को यहां कोविड-19 के केवल सात नये मामले सामने आए जो एक दिन में सबसे कम मामले हैं. धारावी में संक्रमण के मामले अब 2158 हैं. यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से एक और मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 80 हो गई है. कोविड-19 के कुल 2158 मामलों में से 1057 रोगी ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है. अधिकारियों ने बताया कि पिछले चार हफ्ते से धारावी में कोविड-19 के मामलों में लगातार कमी आई है. उन्होंने कहा कि सबसे कम 10 मामले छह जून को सामने आए थे.


First published: June 21, 2020, 6:30 PM IST





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