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कांग्रेस बैठक के बाद मनमोहन के पीछे खड़े दिखे कई नेता, थरूर और अन्य ने राहुल के सहयोगियों पर साधा निशाना


नई दिल्ली. जबकि कांग्रेस (Congress) के भीतर दिग्गज बनाम टीम राहुल (Team Rahul) का युद्ध खुले मैदान में आ चुका है, पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (former Union Minister Shashi Tharoor) पार्टी सहयोगियों मनीष तिवारी (Manish Tewari) और मिलिंद देवड़ा (Milind Deora) के बचाव में आए. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार (UPA Government) के परिवर्तन लाने वाले 10 साल प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण तरीके से बयान किए जाने के चलते बर्बाद हो गये और कलंक बन गये.

थरूर ने ट्विटर (Twitter) पर लिखा, “मैं मनीष तिवारी और मिलिंद देवड़ा से सहमत हूं. यूपीए सरकार के परिवर्तनकारी 10 साल (UPA’s transformative 10 years) एक प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण कहानी के चलते बर्बाद हो गये और कलंक दे गये. हमारी हार से बहुत कुछ सीखने को है और कांग्रेस (Congress) को पुनर्जीवित करने के लिए बहुत कुछ करना है. लेकिन हमारे वैचारिक दुश्मनों (ideological enemies) के हाथों का खिलौना बनकर नहीं. ”

‘पिछली सरकारों पर टिप्पणी गलत जानकारी से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण’
उनकी टिप्पणी दो दिन पहले पार्टी की अंतरिम प्रमुख सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई एक कांग्रेस की बैठक के बाद आई. इसमें युवा नेताओं की ओर से बहस और तीखी आलोचना देखी गई थी, जो पार्टी की पिछली सरकार को इसके पतन के लिए दोषी मानते थे. वरिष्ठ नेताओं की आलोचना के बीच, पार्टी का एक वर्ग ट्विटर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पीछे खड़ा दिखा.कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, थरूर, तिवारी और मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख देवड़ा- जो सभी एक समय में सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं, ने पूर्व प्रधानमंत्री का बचाव किया, और उनके लिए सामने आई आलोचना को “गलत जानकारी” और “प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण विचार” बताया.”

बीजेपी का उदाहरण दे मनीष तिवारी ने रखी अपनी बात
इससे पहले दिन में, देवड़ा ने तिवारी के एक ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, “खूब कहा, मनीष. 2014 में जब कार्यालय को छोड़ते हुए मनमोहन सिंह ने कहा था कि इतिहास मेरे लिए दयालु होगा. क्या वह कभी सोच सकते थे कि उनकी अपनी पार्टी के कुछ लोग उन्हें खारिज कर देंगे. वे वर्षों की राष्ट्र की सेवा और उनकी विरासत को नष्ट करना चाहते हैं- वह भी, उनकी उपस्थिति में? “

देवरा की टिप्पणी शनिवार को तिवारी की ओर से पार्टी के नेताओं पर की गई टिप्पणी के बाद आई. जिसमें उन्हें केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) के 10 साल के शासन पर सवाल उठाने के लिए “गलत जानकारी रखने वाला” कहा गया था.

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दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पार्टी की एकता की खराब हालत से उल्टी तस्वीर दिखाने के लिए भाजपा का उदाहरण दिया.

पंजाब में आनंदपुर साहिब से संसद सदस्य ने ट्वीट किया, “भाजपा 10 साल (2004-14) के लिए सत्ता से बाहर थी. एक बार भी उन्होंने (अटल बिहारी) वाजपेयी या उनकी सरकार को उनके तत्कालीन विधेयकों के लिए दोष नहीं दिया. कांग्रेस में, दुर्भाग्य से, कुछ कम-जानकार (नेता) एनडीए / भाजपा से लड़ने के बजाए डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर ही निशाना साध रहे हैं. जब एकता की आवश्यकता होती है, तो वे विभाजित होते हैं.”





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