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गृह मंत्री अमित शाह बोले- रथयात्रा को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने से पूरे देश में उत्साह और आनंद का माहौल


गृह मंत्री अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशवासियों को बधाई दी है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से ओडिशा (Odisha) में भगवान जगन्नाथ (Puri Jagannath Rath Yatra)की रथयात्रा को मंजूरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने ट्वीट देशवासियों को इस फैसले को लेकर बधाई दी है.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ओडिशा (Odisha) में भगवान जगन्नाथ (Puri Jagannath Rath Yatra) की रथ यात्रा को सोमवार को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने ट्वीट देशवासियों को इस फैसले को लेकर बधाई दी हैं. गृह मंत्री ने ट्वीट किया कि “आज का दिन हम सबके लिए, विशेषकर ओडिशा के हमारे भाइयों-बहनों और भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए एक शुभ दिन है. रथयात्रा को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने से पूरे देश में उत्साह और आनंद का माहौल है. जय जगन्नाथ!”

अमित शाह ने लिखा “यह मेरे साथ-साथ देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले का सकारात्मक हल निकले, इसके लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, जिससे हमारी यह महान परंपरा कायम रही. कल शाम मैंने प्रधानमंत्री जी की सलाह पर गजपति महाराज जी (पुरी के राजा) और पुरी के शंकराचार्य जी से बात की और यात्रा को लेकर उनके विचारों को जानकर प्रधानमंत्री जी को अवगत कराया. आज सुबह प्रधानमंत्री के निर्देश पर सॉलिसिटर जनरल से भी बातचीत की.”

अमित शाह ने लिखा कि “मामले की गंभीरता और महत्ता को देखते हुए केस को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच के सामने रखा गया. दोपहर बाद इसकी सुनवाई हुई और यह सुखद फैसला हम सबके सामने आया. ओडिशा के लोगों को बहुत-बहुत बधाई. जय जगन्नाथ!”

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गृह मंत्री ने देशवासियों को बधाई दी है

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केंद्र, राज्य सरकारों और मंदिर प्रबंधन को करना होगा इंतजाम
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा को मंजूरी दे दी है. न्यायालय ने कहा कि वह रथ यात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केन्द्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केन्द्र के साथ तालमेल करके रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनायेगी. केन्द्र ने भी पीठ को सूचित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता किये बगैर राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से रथ यात्रा का आयोजन किया जा सकता है.

सिर्फ पुरी की रथयात्रा को ही मिली है मंजूरी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते. अगर रथ यात्रा के कारण कोविड-19 का जरा सा भी प्रसार हुआ तो यह विनाशकारी हो सकता है क्‍योंकि इसमें बड़ी संख्‍या में लोग एकत्र होते हैं.’ न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसने ओडिशा में अन्य स्थानों के लिये नहीं बल्कि सिर्फ पुरी में ही रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते इस साल की भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra) पर रोक लगाने के अपने 18 जून के आदेश में सुधार का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई की. सीजेआई एसए बोबड़े ने पुरी रथ यात्रा के आयोजन को लेकर दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई के लिए तीन न्यायाधीशों की पीठ का गठन किया था. प्रधान न्यायाधीश ने नागपुर में अपने आवास से वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से पीठ की अध्यक्षता की.

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पुरी में भगवान जगन्नाथ (Puri Jagannath Rath Yatra) रथयात्रा पर रोक के खिलाफ 20 से ज्यादा याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई थीं. यह रथयात्रा 23 जून से शुरू होनी है.


First published: June 22, 2020, 6:49 PM IST





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