Home India News चीन ने भी माना, भारतीय सेना ने झड़प में ढेर कर दिया...

चीन ने भी माना, भारतीय सेना ने झड़प में ढेर कर दिया था चीनी कमांडिंग अधिकारी: सूत्र


झड़प के बाद से तनाव को कम करने के लिए गलवान में दोनों पक्षों के बीच सैन्य वार्ता हुई है

भारत और चीन (India-China) के सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद चीन ने पिछले हफ्ते गलवान (Galwan) में भारत के साथ हुई सैन्य वार्ता में इस बात को स्वीकार किया था.

नई दिल्ली. लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत और चीनी (India-China) सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरम्यानी रात हुई झड़प में मरने वाले चीनी सैनिकों में एक कमांडिग ऑफिसर भी शामिल था. चीन ने पिछले हफ्ते गलवान में भारत के साथ हुई सैन्य वार्ता में इस बात को स्वीकार किया था. सूत्रों ने यह जानकारी सोमवार को दी. यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और चीन की सेनाओं के बीच 1967 के बाद से अब तक का सबसे सीमा टकराव हुआ है कि भारत और चीन के सैनिकों को नुकसान हुआ है. इस विवाद को कम करने के लिए चीनी पक्ष के चुशुल (Chushul) के मोल्दो (Moldo) में लेफ्टिनेंट जनरल-स्तरीय वार्ता जारी है.

चीनी सेना के किसी बड़े अधिकारी की मौत की खबर उस हिंसक झड़प के एक हफ्ते बाद मिली है, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे. सेना के सूत्रों ने कहा है कि हिमालय के गलवान नदी के पास 15,000 फीट ऊंचाई पर हुए इस विवाद के कारण 45 चीनी सैनिक मारे गए या घायल हो गए. हालांकि, बीजिंग ने अब तक कोई हताहत आंकड़ा नहीं दिया है. चीन के साथ हुई इस हिंसक झड़प में भारतीय अधिकारी, कर्नल बीएल संतोष बाबू, भी मारे गए थे. सेना के सूत्रों ने कहा कि जो 76 भारतीय सैनिक घायल हो गए थे वह कुछ ही हफ्तों में फिर से ड्यूटी पर लौटने की संभावना है.

ये भी पढ़ें- चीन सीमा के पास सामरिक महत्व वाला वैली ब्रिज टूटादोनों पक्षों के बीच सैन्य वार्ता जारी
झड़प के बाद से तनाव को कम करने के लिए गलवान में दोनों पक्षों के बीच सैन्य वार्ता हुई है. सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की पहले दौर की बातचीत में बनी सहमति को लागू करने समेत विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है. बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कर रहे हैं जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिले के कमांडर कर रहे हैं. यह बैठक गलवान घाटी में 15 जून को हुए संघर्ष के बाद दोनों पक्षों में बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में हो रही है. यह बीते 45 सालों के दौरान सीमा पर हुआ सबसे गंभीर टकराव था.

चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर किया था ऐसे हथियारों से हमला

गलवान में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत की तरफ चीन द्वारा निगरानी चौकी बनाए जाने का विरोध करने पर चीनी सैनिकों ने पत्थरों, कील लगे डंडों, लोहे की छड़ों आदि से भारतीय सैनिकों पर हमला किया था. झड़प के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिये कम से कम तीन बार मेजर जनरल स्तर पर बातचीत हो चुकी है.

ये भी पढ़ें- रूस से सुखोई, मिग, T-90 टैंक के इक्विपमेंट की अर्जेंट सप्लाई की बात कहेगा भारत

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ टेलीफोन पर की गई बातचीत में इस झड़प को पीएलए की “पूर्वनियोजित” कार्रवाई बताया था. इस घटना के बाद सरकार ने चीन के साथ लगने वाली 3500 किलोमीटर की सीमा पर चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिये सशस्त्र बलों को “पूरी छूट” दे दी है. (भाषा के इनपुट सहित)

ये भी देखें:


First published: June 22, 2020, 5:45 PM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Bollywood Drugs Case Live: दीपिका से NCB कर रही सवाल, कुछ देर में सारा और श्रद्धा से होगी पूछताछ

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत की मौत (Sushant Singh Rajput) के मामले में ड्रग्स कनेक्शन मिलने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच...

IPL 2020 Live Updates: संजय मांजरेकर बोले- सहवाग की तरह खेलते हैं पृथ्वी शॉ

IPL 2020 Live Updates: आईपीएल में आज कोलकाता नाइट राइडर्स की भिड़ंत सनराइजर्स हैदराबाद से होगी. दोनों टीमों को पहली जीत की तलाश...

Recent Comments