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… तो क्या LIC की शेयर बाजार में लिस्टिंग सामान्य कंपनियों की तरह नहीं होगी?


भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC-Life Insurance Corporation of India) के आईपीओ (IPO-Initial Public Offer) को लेकर सरकार ने इसके प्रोसेस को तेज कर दिया है. लेकिन इसकी लिस्टिंग कंपनी के तौर पर नहीं बल्कि कॉर्पोरेशन से हो सकती है.

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC-Life Insurance Corporation of India) के आईपीओ (IPO-Initial Public Offer) को लेकर सरकार ने इसके प्रोसेस को तेज कर दिया है. लेकिन इसकी लिस्टिंग कंपनी के तौर पर नहीं बल्कि कॉर्पोरेशन से हो सकती है.

नई दिल्ली.  देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी-भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC-Life Insurance Corporation of India) के आईपीओ लाने के प्रोसेस को सरकार ने  तेज कर दिया है. लेकिन शेयर बाजार में इस लिस्टिंग कुछ अलग हो सकती है. CNBCTV18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार एलआईसी को एक कंपनी के रूप में लिस्ट ना कराकर इसे कॉर्पोरेशन के तौर पर लिस्ट कराने का फैसला कर सकती है. क्योंकि कंपनी एक्ट के तहत LIC अभी सरकार की ओर से सभी पॉलिसी की गारंटी लेती है. इसीलिए इसके कॉर्पोरेशन के तौर पर लिस्ट कराया जा सकता है.

सरकार की गारंटी की LIC को सबसे बेहतर और अलग बनाता है. इसी वजह से LIC निजी सेक्टर की अन्य कंपनियों के मुकाबले बहुत आगे है. सरकारी गारंटी की वजह से एलआईसी आसानी से सॉल्वेंसी मार्जिन आवश्यकताओं को पूरा कर देती हैं. इस तरह की गारंटी के अभाव में, सरकार को 30 करोड़ पॉलिसीधारकों के लिए 28 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के पॉलिसीधारक फंड की आवश्यकता होगी.

 

आखिर क्यों LIC को लिस्ट करना चाहती है सरकार?- वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र सरकार ने विनिवेश (Disinvestment) लक्ष्य को लगभग दोगुना कर दिया है. चालू वित्त वर्ष के लिए ​रणनीतिक विनिवेश का लक्ष्य 65 हजार करोड़ रुपये रखा गया था. अब अगले वित्त वर्ष के लिए इसे बढ़ाकर 1.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 1.05 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य तय किया था, जिसमें सरकार को 18 हजार करोड़ रुपये हासिल करने में सफलता मिली है.माना जा रहा है कि LIC का IPO देश का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है. अगर सरकार LIC का IPO लेकर आती है तो उसके पास बड़े स्तर पर पूंजी आएगी और राजको​षीय घाटे (Fiscal Deficit) की भरपाई करने में मदद मिलेगी. बजट में सरकार ने राजकोषीय घाटे का अनुमान वर्तमान में GDP के 3.3 फीसदी से बढ़ाकर 3.8 फीसदी रखा है. अगले वित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 3.5 फीसदी का है.
आपने भी ली है LIC पॉलिसी तो क्या होगा असर?- भारत के तीन चौथाई बीमा बाजार पर LIC की पकड़ है. हालांकि, पिछले साल ही निवेश को लेकर LIC के कुछ गलत फैसलों पर सवाल भी उठाया गया था. अब सरकार द्वारा LIC IPO लाने के फैसले को लेकर माना जा रहा है कि LIC की लिस्टिंग के बाद कंपनी के कामकाज में पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी.

अगर कंपनी बेहतर प्रदर्शन करती है तो इसका फायदा बीमाधारकों को भी मिलेगा. जानकारों का कहना है कि LIC की अधिकतर पॉलिसी नॉन यूनिट लिंक हैं.

इसका मतलब है कि अगर शेयर बाजार में कोई उतार-चढ़ाव आता है तो इसका असर पॉलिसी पर नहीं देखने को मिलेगा. वहीं, कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का असर लोगों के निवेश पर सकारात्मक रूप में देखने को मिलेगा.


First published: June 25, 2020, 12:21 PM IST





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