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दिल्ली के कन्नॉट प्लेस, खान मार्केट जैसे प्रीमियम बाजार से निकलने की तैयारी में कई ब्रांड्स, लॉकडाउन ने पस्त की हालत


नई दिल्ली. कोरोना वायरस से मार पड़ने के बाद अब दिल्ली के प्रीमियम मार्केट (Premium Markets in Delhi) में दुकानें अन्य जगहों पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रही हैं. दरअसल, इन प्रीमियम मार्केट में दुकानदारों को ज्यादा किराया चुकाना उनके बजट के हिसाब से फिट नहीं बैठ रहा है. CNBC-TV18 से बात करते हुए एक ऐसे ही दुकान के मालिक और अन्य ट्रेडर्स ने कहा उनके अनुमान के मुताबिक पिछले साल की तुलना में उनका कारोबार अधिकतम 50 फीसदी तक ही पहुंच सकेगा.

यह भी इस साल के अंत में देखने को मिलेगा. ऐसे में उनके लिए जरूरी है कि वो अपने खर्च को कम करें. यही कारण है कि उन्होंने अब सस्ते रेंटल स्पेस के विकल्प पर विचार करना शुरू कर दिया है. पिछले कुछ महीने में लगभग न के बाराबर कारोबार होने की वजह से कुछ जाने-माने ब्रांड्स अब अच्छे खासे कॉस्ट प्रेशर में आ चुके हैं. उनकी सेल्स तो प्रभावित हुई ही है, लेकिन दूसरी तरह उन्हें किराया देना पड़ रहा है.

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ये ब्रांड्स कर रहे हैं शिफ्टिंग की तैयारीकपड़ों के कई ब्रांड्स अब दिल्ली के कन्नॉट प्लेस और खान मार्केट से निकलकर अन्य जगहों पर शिफ्ट करने की तैयारी में है. इन ब्रांड्स में Hamleys, प्रीमियम लाइफस्टाइल ब्रांड Shaze, महिलाओं के लिए एथनिक ब्रांड Soch, Blackberrys, Louis Philippe, W, Lee and Wrangler जैसे ब्रांड्स शामिल हैं. ANAROCK प्रॉपर्टी के चेयरमैन अनुज पूरी ने इस बारे में जानकारी दी.

एक ब्रांड के फ्रेंचाइजी मालिक का कहना है सेल्स न होने के बावजूद भी उन्हें उच्च किराया देना पड़ रहा है. इनकी दुकान साउथ एक्सटेंशन में है. दिल्ली के प्रीमियम मार्केट्स में कन्नॉट प्लेस, करोल बाग़, खान मार्केट, साउथ एक्सटेंशन, चांदनी चौक आदि है. इन सभी मार्केट्स के दुकानदार अब सस्ते किराए वाली जगहों पर विचार करने लगे हैं.

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पूरी ने कहा, ‘मार्च के अंतिम सप्ताह में जब पहली बार लॉकडाउन का ऐलान किया गया था, तब से रिटेल लीजिंग एक्टिविटी पूरी तरह से बंद है. इनमें से किसी भी जगह पर कोई बड़ी रेंटल डील्स नहीं हुई हैं. मौजूदा किरायेदारों की बात करें तो वो या तो किराये की रकम कम करने की बात कर रहे या अन्य तरह के छूट की मांग कर रहे हैं. लेकिन, यह व्यक्तिगत स्तर पर ज्यादा हो रहा है.’

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सचिव प्रवीन खंडेलवाल का भी कहना है कि किरायेदार ट्रेडर्स के लिए किराया चुकाना बेहद मुश्किल है. लॉकडाउन के वजह से लंबे समय तक उनकी दुकानें बंद रहीं. अब चूंकि, बाजार खुले भी हैं तो काफी कम संख्या में लोग आ रहे हैं.

कुछ ब्रांड्स और ट्रेडर्स के लिए अपनी दुकान शिफ्ट करने की एक समस्या यह भी है कि इन मार्केट्स में उन्होंनें कई सालों तक मेहनत कर अपना नाम बनाया है. ऐसे में अगर वो अपने बिजनेस को शिफ्ट करते हैं तो उन्हें सबकुछ फिर शुरू से करना होगा. उनके सामने एक समस्या यह भी है कि कई लोगों को इन्होंने पैसे दे रखे हैं. इसे भी रिकवर करने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

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कितना देना होता है इन मार्केट में किराया?
खान मार्केट दुनिया के सबसे महंगे रिटेल शॉपिंग डेस्टिनेशन में से एक है. खान मार्केट में औसतन मासिक किराया 1,400 रुपये प्रति sq. ft. है. ANAROCK के रिसर्च के मुताबिक, दिल्ली में 2019 की पहली तिमाही में कन्नॉट प्लेस में औसतन मासिक किराया 950 रुपये प्रति sq. ft. है. इसी प्रकार साउथ एक्सटेंशन में यह 600 रुपये प्रति sq. ft., करोल बाग़ में 400 रुपये sq. ft. और चांदनी चौक में 250 रुपये प्रति sq. ft. है.





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