Home India News नक्शा जारी करने के बाद भी बाज नहीं आ रहा नेपाल, रेडियो...

नक्शा जारी करने के बाद भी बाज नहीं आ रहा नेपाल, रेडियो पर चला रहा भारत विरोधी भाषण


बॉर्डर के इलाकों में रहने वाले लोग नेपाली गाने सुनते हैं, उन्हें इन गानों के बीच में नेपाली नेताओं द्वारा दिए जा रहे भारत-विरोधी भाषण भी सुनाई देते हैं.

पिथौरागढ़ (Pithauragarh) धारचूला (Dharchula) सब डिविजन के दांतू गांव में रहनी वाली शालू दतल ने कहा कि कुछ नेपाली चैनलों ने हाल ही में गानों के बीच में भारत विरोधी भाषण (Anti-India Speech) चलाना शुरू किया है.

नई दिल्ली. नेपाल (Nepal) के रेडियो चैनल कालापानी (Kalapani), लिपुलेख (Lipulekh) और लिंपियाधुरा (Limpiyadhura) पर काठमांडू (Kathmandu) के दावों को लेकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं. नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे भारतीय नागरिकों ने इसकी जानकारी दी है. नेपाल की संसद ने हाल ही में एक नए नक्शे को स्वीकृति दी है जिसमें कि भारत के इन तीन इलाकों को उसने अपना बताया है. नेपाल के इस नक्शे को दोनों सदनों और राष्ट्रपति की भी स्वीकृति मिल चुकी है. भारत (India) ने इस संबंध में कड़ा विरोध भी किया है. भारत की ओर से कहा गया है कि यह नक्शा कृत्रिम विस्तार साक्ष्य एवं ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं है और यह मान्य नहीं है.

पिथौरागढ़ (Pithauragarh) धारचूला (Dharchula) सब डिविजन के दांतू गांव में रहनी वाली शालू दतल ने कहा कि कुछ नेपाली चैनलों ने हाल ही में गानों के बीच में भारत विरोधी भाषण चलाना शुरू किया है. शालू ने कहा बॉर्डर के इलाकों में रहने वाले लोग नेपाली गाने सुनते हैं, उन्हें इन गानों के बीच में नेपाली नेताओं द्वारा दिए जा रहे भारत-विरोधी भाषण भी सुनाई देते हैं. शालू ने आगे कहा कि जो मुख्य एफएम चैनल गानों के बीच में भारत विरोधी सामग्री का प्रसारण कर रहे हैं वह नया नेपाल और कालापानी रेडियो हैं. उन्होंने कहा कि कुछ पुराने चैनल मल्लिकार्जुन रेडियो और एक अन्नपूर्णा.ऑनलाइन भी ऐसी रिपोर्ट प्रसारित कर रही हैं जिसमें बताया जा रहा है कि कालापानी नेपाल का क्षेत्र है.

तीन किलोमीटर की सीमा में सुने जा सकते हैं ये स्टेशन
ये एफएम स्टेशन नेपाल के धारचूला के जिला मुख्यालय के समीप चबरीगर में स्थित हैं. स्टेशनों की सीमा लगभग तीन किलोमीटर है और इसे धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी और काली में सीमा के भारतीय हिस्से में सुना जा सकता है.ये भी पढ़ें- चीन की करारी हार, अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर छिन गया अहम दर्जा

धारचूला में एक रंग समुदाय के नेता कृष्ण गर्ब्याल ने कहा इन रेडियो स्टेशनों ने कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा पर भी मौसम की रिपोर्ट देना शुरू कर दिया है, उन्हें नेपाल के क्षेत्र के रूप में माना जाता है. हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस ने कहा कि उन्हें अपने एफएम रेडियो चैनलों के माध्यम से नेपाल द्वारा शुरू किए गए भारत विरोधी प्रचार के बारे में कोई जानकारी नहीं है. पिथौरागढ़ की पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शनी ने कहा, “इस विषय पर हमारी खुफिया इकाइयों की कोई प्रतिक्रिया नहीं है.”

धारचूला सर्किल अधिकारी वी के आचार्य ने भी इस मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की. आचार्य ने कहा “हमारी खुफिया इकाइयों को अभी तक नेपाल द्वारा भारत विरोधी किसी भी तरह के प्रचार के बारे में जानकारी नहीं मिली है.”

ये भी पढ़ें- गलवान नदी से छेड़छाड़ क्यों कर रहा है चीन? क्या है नया पैंतरा?

व्यास घाटी के एक नेता, अशोक नब्याल ने कहा कि सीमा पर सक्रिय भारतीय खुफिया एजेंसियों को प्रचार का विरोध करने में सक्षम होने के लिए इस पूरी स्थिति का संज्ञान लेने की जरूरत है.


First published: June 21, 2020, 5:30 PM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments