Home India News प्लॉट के रूप में बेची जाने वाली विकसित जमीन पर देना होगा...

प्लॉट के रूप में बेची जाने वाली विकसित जमीन पर देना होगा GST, जानें क्या कहता है कानून


प्लॉट के रूप में बेची गई विकसित जमीन पर लगेगा जीएसटी

AAR ने कहा है कि यदि कोई रियल एस्टेट डेवलपर (Real Estate Developers) बुनियादी सुविधाओं वाली जमीन प्लॉट के रूप में बेचता है, तो उसपर जीएसटी (GST) देय होगा.

नई दिल्ली. बिजली, पानी की पाइपलाइन और जल निकासी की सुविधाओं वाली जमीन की बिक्री (Sale of Land) पर माल एवं सेवा कर (GST) देना होगा. अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (AAR) ने यह व्यवस्था दी है. AAR ने कहा है कि यदि कोई रियल एस्टेट डेवलपर (Real Estate Developers) बुनियादी सुविधाओं वाली जमीन प्लॉट के रूप में बेचता है, तो उसपर जीएसटी (GST) देय होगा. एएआर ने यह भी निष्कर्ष दिया है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा. इसी के अनुरूप उस पर जीएसटी लगाया जाएगा.

एक आवेदक ने एएआर की गुजरात पीठ के समक्ष इस बारे में आवेदन कर पूछा था कि क्या प्राथमिक सुविधाओं मसलन बिजली, पानी, जल निकासी, समतल जमीन वाले प्लॉट की बिक्री पर जीएसटी देना होगा. एएआर ने इसके जवाब में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा. ऐसे में इस पर जीएसटी देना होगा.

यह भी पढ़ें- Income Tax बचाना है तो 30 जून से पहले इस स्‍कीम में करें निवेश, पैसों की जरूरत है तो फटाफट यहां करें आवदेन

एएआर ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि आवेदक विकसित प्लॉट की बिक्री करता है. बिक्री मूल्य में जमीन की लागत के अलावा प्राथमिक सुविधाओं की लागत भी आनुपातिक आधार पर शामिल होती है.एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इस फैसले का सीधा, तात्कालिक और प्रतिकूल असर समूचे रीयल एस्टेट क्षेत्र पर पड़ेगा. इससे विकसित प्लॉटों की बिक्री पर मिलने वाले कर तटस्थ स्थिति का लाभ समाप्त हो जाएगा.

यह भी पढ़ें- बस और टैक्सी सेक्टर में 20 लाख लोगों ने गंवाई नौकरी, सरकार से नहीं मिली मदद तो बदतर होंगे हालात


First published: June 21, 2020, 5:00 PM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments