Home Sports News सचिन तेंदुलकर दोहरे और तिहरे शतक लगाने नहीं आते थे: कपिल देव

सचिन तेंदुलकर दोहरे और तिहरे शतक लगाने नहीं आते थे: कपिल देव


सचिन तेंदुलकर पर कपिल देव ने कह दी बड़ी बात

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाए लेकिन कपिल देव ने कहा कि उन्हें अपने करियर में कम से कम 5 ट्रिपल सेंचुरी लगानी चाहिए थी

नई दिल्ली. सचिन तेंदुलकर…एक ऐसा नाम जिसने बतौर बल्लेबाज हर वो मुकाम छुआ, जिसके लोग सपने भी नहीं देख पाते. सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाए. उनके नाम सबसे ज्यादा टेस्ट रन, सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल रन, सबसे ज्यादा टेस्ट सतक, सबसे ज्यादा वनडे शतक जैसे बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं. हालांकि टीम इंडिया के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव का मानना है कि सचिन तेंदुलकर अपने शतक को दोहरे शतक और तिहरे शतक में तब्दील करना नहीं जानते थे. कपिल देव ने ये भी कहा कि सचिन कभी निष्ठुर बल्लेबाज नहीं बन सके. कपिल देव का मानना है कि सचिन को अपने करियर में कम से कम 5 ट्रिपल सेंचुरी बनानी चाहिए थी लेकिन मास्टर ब्लास्टर एक बार भी ये कारनामा नहीं कर पाए.

सचिन टैलेंटेड थे लेकिन दोहरे और तिहरे शतक लगाने नहीं जानते थे!
कपिल देव ने डब्ल्यूवी रमन के साथ खास बातचीत में कहा, ‘सचिन बेहद ही टैलेंटेड थे, इतना टैलेंट हमने किसी में नहीं देखा था. वो उस वक्त जन्मे जब वो जानते थे कि कैसे शतक लगाए जाते हैं लेकिन वो कभी निर्दयी बल्लेबाज नहीं बन सके. सचिन के पास सबकुछ था लेकिन वो शतक को दोहरे शतक और तिहरे शतक में तब्दील करना नहीं जानते थे. सचिन के पास इतना टैलेंट था कि उन्हें कम से कम पांच तिहरे शतक और 10 और दोहरे शतक लगाने चाहिए थे. सचिन हर ओवर में तेज गेंदबाजों और स्पिनर की गेंदों पर छक्का या चौका लगा सकते थे. हालांकि सचिन मुंबई क्रिकेट में फंसकर रह गए. वहां की धारणा है जब आप शतक लगा लो तो अपनी पारी दोबारा 0 से शुरू करो. और मैं उसी के खिलाफ था. मैंने सचिन को कहा था कि तुम्हें सहवाग की तरह खेलना चाहिए.’

सहवाग को देता था सचिन की तरह खेलने की सलाहकपिल देव ने आगे बताया कि वो सहवाग को सचिन की तरह खेलने की सलाह देते थे. कपिल देव ने कहा, ‘मैं सहवाग को कहता था कि तुम सचिन की तरह खेलो. तुम्हारे पास बहुत सारे शॉट्स हैं बस तुम 30 मिनट का इंतजार कर लो और शतक तुम्हारे कदमों में होगा. सचिन को मैं कहता था कि वीरेंद्र सहवाग से सीखो, शतक लगाने के बाद हर ओवर में एक या दो बाउंड्री लगाने की कोशिश करो. ताकि अगले 20 ओवर में वो दोहरे शतक के करीब पहुंच जाएं. यही दोनों में अंतर था.’ कपिल देव ने कहा, ‘सचिन तेंदुलकर के अंदर असीमित ताकत थी लेकिन शतक लगाने के बाद वो एक रन लेकर स्ट्राइक बदल लेते थे.’





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