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11 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली पहली भारतीय कंपनी बनी रिलायंस इंडस्ट्रीज


नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी तो पहले ही बन गई थी. लेकिन सोमवार को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL Market Cap) का बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया. ​RIL देश की पहली कंपनी है, जिसकी मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंची है.

सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर RIL के शेयर्स का भाव 1,804.10 रुपये प्रति शेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. 24 मार्च के बाद से अब त​क इन्वेस्टर्स की पूंजी में करीब दोगुना का इजाफा हुआ है. इस साल कंपनी के शेयर्स में करीब 20 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है. सोमवार सुबह 10 बजे तक यह 1.69 फीसदी की बढ़त के साथ 1,789 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर था.

लक्ष्य से 9 महीने ही कर्जमुक्त हुई RIL
हाल ही में, जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लगातार कई बड़े ऐलान किए है. पिछले दिनों ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने ऐलान किया कि कंपनी अब पूरी तरह से कर्जमुक्त (Net-Debt Free) हो गई. कंपनी ने मार्च 2021 तक कर्जमुक्त होने का ऐलान किया था, लेकिन लक्ष्य से काफी पहले कंपनी ने इसे पूरा कर लिया.यह भी पढ़ें: कर्ज़मुक्त की खबर से रिलायंस इंडस्ट्री का शेयर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, मार्केट कैप 11 लाख करोड़ के करीब

​9 सप्ताह में कंपनी ने जुटाए 1.68 लाख करोड़ रुपये
जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने 11 डील्स के जरिए बीते 9 सप्ताह में कुल 1,15,693.95 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है. हाल ही में ​RIL ने राइट्स इश्यू के जरिए 53,124.20 करोड़ रुपये भी जुटाए हैं. इस प्रकार जियो इन्वेस्टमेंट और राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी ने कुल 1.68 लाख करोड़ रुपये जुटाया और पूरी तरह से कर्जमुक्त कंपनी बन गई है.

निकट भविष्य में रहेगी तेजी
CapitalVia ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च, गौरव गर्ग ने Moneycontrol को बताया, ’59 सेशन के छोटे से समय में RIL ने निवेशकों को करीब दोगुना लाभ दिया है. खासतौर पर महामारी के इस दौर में 150 अरब डॉलर की मार्केट कैप वाली पहली कंपनी बन गई है.’ एक्सपर्ट्स का कहना है रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्जमुक्त होने और जियो व रिटेल ईकाई की संभावित लिस्टिंग की खबरों के बीच निकट भविष्य में कंपनी के शेयर्स में तेजी जारी रहेगी.

एजेंल ब्रोकिंग लिमिटेड की इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट, ज्योति रॉय ने कहा कि कंपनी ने रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, ​टेलिकॉम और रिटेल बिजनेस में अपना दबदबा कायम किया है. जियो प्लेटफॉर्म में दुनियाभर की दिग्गज फर्म्स के निवेश की वजह से कंपनी को न सिर्फ कर्जमुक्त होने में मदद मिली है, बल्कि कंपनी के प्रबंधन पर भी विश्वास बढ़ा है.

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बेहतर ग्रोथ की मजबूत संभावना
ज्योति रॉय ने कहा कि हमारा मानना है कि डिजिटल और रिटेल बिजनेस में कंपनी बेहतर ग्रोथ दर्शाएगी. आने वाले कुछ सालों में रिटेल बिजनेस की लिस्टिंग से कंपनी पर भरोसा बढ़ेगा. अगर डिजिटल बिजनेस की भी लिस्टिंग होती है तो इससे भी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड के रिटेल रिसर्च हेड, सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि शुक्रवार को कंपनी ने लक्ष्य से 9 महीने पहले ही कर्जमुक्त होने का ऐलान किया है, जिसके बाद कंपनी का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपये से पार चला गया. कुल कर्ज में कमी आना एक प्रमुख फैक्टर है. इससे कंपनी के स्टॉक्स में रिरेटिंग देखने को मिलेगा. कुल मिलाकर कंपनी ने अप्रैल के बाद से दो महीनों में 1.68 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी जुटाई है.

वैश्विक निवेशकों का साथ मिलने से अब जियो द्वारा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव की क्षमता आ गई है, बल्कि इससे RIL को समय से पहले ही कर्जमुक्त होने में भी मदद की है. बाजार में जियो के दबदबे के बाद उसे लंबी अवधि में जबरदस्त ग्रोथ को दिशा भी मिली है.

सुस्त अर्थव्यवस्था में भी रिलायंस रिटेल ने भी अपना परफॉर्मेंस कायम रखा है. ग्रॉसरी सेग्मेंट से कंपनी को लॉकडाउन के दौरान में भी रेवेन्यू सपोर्ट करने में मदद किया है. फेसबुक के साथ मिलकर लोकल किराना स्टोर्स को जोड़ने की रणनीतिक वेंचर भी कंपनी को अपना ऑनलाइन बिजनेस बढ़ाने में मदद करेगा.

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शेयर्स के भाव में उतार-चढ़ाव भी रहेगा
सैमको सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च उमेश मेहता ने मनीकंट्रोल से कहा कि मूलरूप से, फंड जुटाने से स्टॉक्स में रिरेटिंग देखने को मिलेगी. शेयरहोल्डर्स के लिए 3 से 5 साल का समय पैसे बनाने का होगा. हालांकि, बीते 3 महीनों में 94 फीसदी की यह तेजी सस्टेनेबल नहीं होगा क्योंकि मानव मन बेहद चंचल होता है. लेकिन, मार्केट हर समय अपने तरीके से चलता है. निवेशकों का मानना है कि शेयरप्राइस सीधी रेखा में आगे बढ़ेगी लेकिन, वास्तव में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे. इस खबर का अनुवाद मनीकंट्रोल से किया गया है. इंग्लिश में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. (डिस्केलमर- न्यूज18 हिंदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)





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