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BJP की नई टीम गठन के प्रमुख कारण हैं राज्‍य चुनाव और क्षेत्रीय पहुंच


बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम की घोषणा हुई है.

कुछ राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उन राज्‍यों के प्रतिनिधियों की बीजेपी (BJP) की इस नई में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि पार्टी पहले से ही चुनाव मोड में है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 27, 2020, 6:52 AM IST

नई दिल्‍ली. बीजेपी (BJP) ने शनिवार को अपनी एक बड़ी नई टीम का ऐलान किया है. राष्‍ट्रीय पदाथिकारियों की नियुक्ति को लेकर यह ऐलान थोड़ा आश्‍चर्य उत्‍पन्‍न करता है. लेकिन नई टीम की नियुक्ति पार्टी की उस स्‍थापित विचारधारा के अनुरूप ही है, जिसमें पार्टी हमेशा चुनावों (State elections) पर नजर बनाए रखती है. साथ ही उन लोगों को तोहफा देती है जो संपर्क बनाने और लोगों तक पहुंच बढ़ाने पर ध्‍यान केंद्रित करते हैं. बीजेपी की अब 60 फीसदी टीम और 70 नए सदस्‍यों में से 12 महिलाएं हैं. साथ ही साथ वे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्‍य पिछड़े वर्ग से हैं.

अगले साल कुछ राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उन राज्‍यों के प्रतिनिधियों की बीजेपी की इस नई में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि पार्टी पहले से ही चुनाव मोड में है. बीजेपी पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में बड़ी चुनावी जंग की तैयारी कर रही है. बिहार, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे चुनावी राज्‍यों के प्रतिनिधियों की टीम में उपस्थिति विशिष्ट हैं. इसे अंतिम रूप देने में नौ महीने का समय लगा. हालांकि इसमें तमिलनाडु की बात थोड़ी अलग है. वहां 2021 में चुनाव होने हैं. लेकिन नई टीम में एक भी सदस्‍य तमिलनाडु से नहीं है. जबकि बीजेपी की नई टीम में पश्चिम बंगाल के 3 और केरल के 2 सदस्‍य हैं. वहीं बिहार के पांच सदस्यों ने इस टीम में जगह पाई है.

बीजेपी ने अब पश्चिम बंगाल में सत्‍ता के दावेदार के रूप में खुद को खड़ा किया है. साथ ही पार्टी ने केरल में पिनारई विजयन सरकार के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में कांग्रेस को खारिज कर दिया है. वहीं तमिलनाडु में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति बनने की संभावना अभी भी कमजोर है. ऐसे में इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीजेपी वहां अन्‍नाद्रमुक गुटों को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभा रही है. अन्‍न द्रमुक संसद में सरकार का समर्थन करता है और उसने हाल ही कृषि संबंधी बिलों समेत कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने के लिए समर्थन दिया है.

बीजेपी की नई टीम में पूर्वोत्तर के राज्यों के क्षेत्रीय संतुलन और पहुंच भी सुनिश्चित की गई है. ऐसे में नगालैंड के दो प्रतिनिधियों को टीम में जगह दी गई है. जबकि दक्षिण के जाने माने चेहरे, राम माधव और मुरलीधर राव को राष्ट्रीय महासचिव के रूप में हटा दिया गया है. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व बनाए रखा गया है.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर मतदाताओं के साथ संवाद करने के लिए पार्टी सदस्यों को बार-बार निर्देश देने का मतलब है कि पार्टी न केवल चुनाव में या नीतिगत घोषणाओं के लिए, बल्कि रियल टाइम में विपक्ष का मुकाबला करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाना चाहती है. शुक्रवार को पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कृषि बिल पर विपक्ष की आलोचना का सामना करने के लिए दिशा दी.





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