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India-China Faceoff: गलवान में अभी भी देखे जा रहे चीन के बख्तरबंद वाहन, भारतीय सेना अलर्ट


नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच (India-China Border Tension) बॉर्डर पर करीब दो महीने से जारी सीमा विवाद को लेकर बड़ा डेवलपमेंट हुआ है. न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, सूत्रों ने सोमवार को कहा कि चीन ने अपने सैनिकों को गलवान घाटी (Ladakh Galwan Valley) में पेट्रोल पॉइंट 14 से 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे किया है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीनी सेना ने गलवान घाटी से अपने टेंट वापस हटा लिए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अभी भी झड़प वाली जगह पर चीनी सेना के बख्तरबंद वाहन मौजूद हैं. ऐसे में भारतीय सेना सर्तक है. चीनी सेना के हर मूवमेंट पर नजर रखा जा रहा है.

ANI के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि भारत और चीन के बीच कॉर्प्स कमांडर के लेवल पर हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के सैनिकों के झड़प वाली जगह से पीछे हटने पर सहमति बनी. ऐसा होने के बाद हिंसक झड़प वाली जगह को बफर ज़ोन बना दिया गया है, ताकि आगे कोई हिंसक घटना न हो. भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है और जब तक वह इस बात की पुष्टि नहीं कर लेती है तब तक चीन की बात पर यकीन नहीं किया जाएगा.

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सूत्रों के मुताबिक गलवान, गोगरा और हॉट स्प्रिंग एरिया में भी चीनी सेना के भारी वाहनों अभी भी हैं. हालांकि, सैनिकों के पीछे की तरफ मूवमेंट देखी गई है. एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मौसम भी चुनौती बना हुआ है. गलवान नदी भी उफान पर है. इसलिए अभी यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि चीनी सैनिक बातचीत में बनी सहमति के आधार पर ही पीछे गए हैं या फिर मौसम की चुनौती की वजह से ऐसा किया गया हो.

अभी तक क्या अपडेट है?

>>सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ने फिंगर पॉइन्ट 4 पर अपनी पॉजिशन को कुछ हिस्सों में बांट लिया है. यहां से करीब 62 नई पोस्ट को हटा लिया गया है. लेकिन, गाड़ियां अभी भी हैं.

>>चीनी सेना गलवान से भी अपने टेंट समेट रही है. कुछ सैनिकों की वापसी हुई है, मगर जो सैन्य साजो सामान रखा था, उसे थोड़ा थोड़ा हटाया जा रहा है.

>>दोनों देशों की सेना ने डिसइंगेजमेंट पर सहमति जताई है और सेनाएं मौजूदा स्थान से पीछे हटी हैं. इस डिसइंगेजमेंट के साथ ही भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच नियंत्रण रेखा पर बफर जोन बन गया है.

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पीएम मोदी ने किया था लेह का दौरा
पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन से तनातनी के बीच 3 जुलाई को लेह का दौरा किया था और वहां सैनिकों से मिले थे. इस दौरान पीएम ने चीन को सुनाते हुए कहा था कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है और अब विकासवाद का है. किसी पर विस्तारवाद की जिद सवार हो तो हमेशा वह विश्व शांति के सामने खतरा है. पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट जाती हैं.

LAC पर 15 जून को हुई थी झड़प?
बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून की दरम्यानी रात दोनों देशों के बीच की ये तनातनी हिंसक झड़प में बदल गई जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए. चीन की तरफ से भी 37 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए थे, लेकिन चीन ने आधिकारिक तौर पर अपने सैनिकों की संख्या नहीं बताई है. तनातनी शुरू होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर की कई वार्ताएं भी हुईं. जिसके बाद दोनों देश अपनी सेनाओं को पीछे करने को राजी हो गए. सीमा पर ये 45 साल में अब तक हिंसा की सबसे बड़ी घटना रही.





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