Home India News LAC पर चीनी सेना को पूरी तरह से हटाए जाने पर भारत...

LAC पर चीनी सेना को पूरी तरह से हटाए जाने पर भारत अडिग, सीएसजी में लद्दाख पर चर्चा


भारत चीनी सेना को हटाए जाने को लेकर अडिग है (सांकेतिक फोटो, ANI)

सूत्रों ने बताया, “सीएसजी (CSG) की बैठक के दौरान, 28 जुलाई के आसपास पूर्वी लद्दाख सेक्टर (Eastern Ladakh Sector) की स्थिति पर चर्चा की गई. भारत अब इस बात पर अडिग है कि वह सबसे पहले फिंगर एरिया सहित सभी तनातनी के बिंदुओं (friction points) से चीनियों को पूरी तरह से पीछे हटाने की कोशिश करेगा.”

नई दिल्ली. चीनी सेना (Chinese Army) पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People’s Liberation Army) की ओर से फिंगर क्षेत्र (Finger Area) से बाहर जाने का कोई संकेत नहीं देखते हुए, चाइना स्टडी ग्रुप (CSG) ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र (Eastern Ladakh Area) में वर्तमान स्थिति पर चर्चा करने के लिए इस हफ्ते मुलाकात की. सीएसजी में सरकार के महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं जिनमें विदेश मंत्री (Minister of Foreign Affairs), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित सैन्य और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी हैं.

सूत्रों ने कहा, “सीएसजी (CSG) की बैठक के दौरान, 28 जुलाई के आसपास पूर्वी लद्दाख सेक्टर (Eastern Ladakh Sector) की स्थिति पर चर्चा की गई. भारत अब इस बात पर अडिग है कि वह सबसे पहले फिंगर एरिया सहित सभी तनातनी के बिंदुओं (friction points) से चीनियों को पूरी तरह से पीछे हटाने की कोशिश करेगा.” सैन्य वार्ता (Military talks) में, भारत विघटन के लिए नहीं कह रहा है क्योंकि भारत ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में, जहां वे चीनी पक्ष का सामना कर रहे हैं, करीब 40,000 सैनिकों (Soldiers) को तैनात किया है.

भारत ने भी चीन की तुलना में सैनिकों की तैनाती की
पीएलए ने पूर्वी लद्दाख के विपरीत अपनी ओर भारतीय क्षेत्र के करीब 40,000 सैनिकों को बड़ी जुटान कर ली है. CSG सरकार के सबसे शीर्ष निकायों में से एक है जो चीनी के साथ बातचीत के दौरान उठाए जाने वाले सैन्य और राजनयिकों कदमों को दिशा-निर्देश प्रदान करता है और चीनी पक्ष की ओर से उठाए गए बिंदुओं और मांगों पर एक स्टैंड भी लेता है.सूत्रों ने कहा, भारतीय सीमा पर चीन की ओर से बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती के बाद, भारतीय सेना ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के आसपास से बख्तरबंद सैनिकों के साथ ही दो स्थानों से अपने पहाड़ी डिवीजनों को भी स्थानांतरित कर दिया है.

चीन ने शुरुआत में शुरू की विघटन की प्रक्रिया, 2-3 दिन बाद कर दी बंद
अपनी तैनातियों को, चीनी तैनाती से मेल कराते हुए, भारत अब जल्दबाज़ी में नहीं है और चाहता है कि चीनी 14 जुलाई को आयोजित हुई कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के दौरान किए गए अपने प्रतिबद्धताओं का सम्मान करें और अपने स्थायी स्थानों पर वापस जाएं.

यह भी पढ़ें: कोविड-19 मृत्यु दर 2.15% होने के बाद केंद्र ने स्वदेशी वेंटिलेटर के निर्यात की अनुमति दी

फिंगर क्षेत्र में, चीनी पक्ष ने अंतिम वार्ता के बाद विघटन शुरू कर दिया था लेकिन वहां 2-3 दिनों के बाद प्रक्रिया पूरी तरह से रोक दी गई थी.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments